CG News: CGMSC घोटाला मामला, आरोपी कुंजल शर्मा को 27 जनवरी तक पुलिस रिमांड में भेजा गया
आरोपी कुंजल शर्मा को 27 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया
CGMSC Scam: CGMSC घोटाला मामले में ACB/EOW ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डायसिस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, नवी मुंबई के मार्केटिंग हेड कुंजल शर्मा को गिरफ्तार किया है. कुंजल शर्मा को कल हिरासत में लिया गया और आज विशेष न्यायालय रायपुर में पेश किया गया. जहां से उसे 27 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है.
क्या है पूरा मामला?
जांच में सामने आया है कि डायसिस कंपनी ने मेडिकल उपकरणों के रिएजेंट्स और कंज्यूमेबल्स के लिए तय एमआरपी निर्धारित कर रखी थी. लेकिन कुंजल शर्मा ने कंपनी की पॉलिसी को नजरअंदाज करते हुए मोक्षित कॉर्पोरेशन को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए नियमों के खिलाफ काम किया. आरोप है कि उसने मोक्षित कॉर्पोरेशन के संचालक शशांक चोपड़ा के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा और तय एमआरपी से कहीं अधिक दरों को CGMSC को अनधिकृत रूप से भेज दिया. इसके चलते निविदा प्रक्रिया में मोक्षित कॉर्पोरेशन की मनमानी दरों को मंजूरी मिल गई और सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ.
सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया
- इससे पहले 18 जनवरी को ACB/EOW ने CGMSC घोटाला मामले में तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया था.
- इनमें रिकॉर्डर्स एंड मेडिकेयर सिस्टम्स प्रा.लि., पंचकुला के डायरेक्टर अभिषेक कौशल, श्री शारदा इंडस्ट्रीज रायपुर के प्रोप्राइटर राकेश जैन और रिकॉर्डर्स एंड मेडिकेयर सिस्टम्स के लाइजनर प्रिंस जैन शामिल हैं.
- ये सभी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टेंडर भरने के आरोप में पकड़े गए हैं और इन्हें भी 27 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है.
- जांच में यह खुलासा हुआ है कि मोक्षित कॉर्पोरेशन ने वास्तविक एमआरपी से तीन गुना तक अधिक कीमत पर रिएजेंट्स और कंज्यूमेबल्स की आपूर्ति की, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ.
अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप
बताया जा रहा है कि CGMSC घोटाले में अधिकारियों और कारोबारियों की मिलीभगत से सरकार को करीब 411 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ. सिर्फ 27 दिनों में लगभग 750 करोड़ रुपए की खरीदी कर ली गई. इस मामले में ED भी जांच कर रहा है और शशांक चोपड़ा 23 जनवरी तक ED की कस्टोडियल रिमांड पर है. ब्यूरो का कहना है कि जनहित से जुड़ी ‘हमर लैब योजना’ में शासकीय राशि के दुरुपयोग के सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे भी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.