Chaitanya Baghel: 6 महीने बाद जेल से छूटे चैतन्य बघेल, बोले- संविधान पर भरोसा है, सत्य की जीत हुई
जेल से छूटे चैतन्य बघेल
Chaitanya Baghel: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की जेल से रिहाई हो गई है. शराब घोटाले मामले में चैतन्य बघेल को ED ने 18 जुलाई को गिरफ्तार किया था. पिछले 6 महीने से चैतन्य बघेल रायपुर सेंट्रल जेल में बंद थे. शराब घोटाले मामले में आरोपी चैतन्य बघेल को बिलासपुर हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद आज जेल से रिहाई हुई है.
HC ने रिहाई के आदेश दिए
2 जनवरी को बिलासपुर हाईकोर्ट ने ED और EOW के मामले में चैतन्य बघेल की जमानत याचिका को स्वीकार करते हुए रिहाई करने के आदेश दिए थे. इसके बाद आज कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा और सारे डॉक्यूमेंटेशन पूरा करने के बाद शाम 4 बजे चैतन्य रायपुर सेंट्रल जेल से बाहर निकले.
कार्यकर्ताओं ने चैतन्य बघेल का स्वागत किया
चैतन्य बघेल के जेल से बाहर निकलने से पहले जेल के बाहर सड़क पर कांग्रेस द्वारा ‘सत्यमेव जयते’ के बड़े-बड़े पोस्टर लगाए गए. भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे. कड़ी सुरक्षा के बीच चैतन्य की जेल से रिहाई हुई. रिहा होने के बाद कांग्रेस का झंडा लहराते हुए कार्यकर्ताओं ने चैतन्य बघेल का जोरदार स्वागत किया.
बेटे को लेने पहुंचे भूपेश बघेल
चैतन्य बघेल को रिसीव करने के लिए खुद सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री और चैतन्य बघेल के पिता भूपेश बघेल रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचे हुए थे. जैसे ही चैतन्य बघेल जेल से बाहर निकले, वैसे ही भूपेश बघेल ने उन्हें गले लगा लिया. बेटे की रिहाई पर भूपेश बघेल के चेहरे पर खुशी दिखाई दे रही थी. रिहाई के दौरान भूपेश बघेल काफी कॉन्फिडेंट नजर आ रहे थे.
चैतन्य ने गांधी-सुभाष चंद्र की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया
चैतन्य ने जेल से बाहर निकलने के बाद जेल परिसर में ही बने गांधी प्रतिमा और नेताजी सुभाष चंद्र के प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. इस दौरान उनके पिता भूपेश बघेल भी मौजूद थे. चैतन्य बघेल की रिहाई पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और भूपेश बघेल के समर्थक रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचे हुए थे. चैतन्य के जेल से बाहर निकलने पर उन्हें कार्यकर्ताओं ने माला पहनाकर और गुलदस्ता देकर गर्मजोशी से स्वागत किया. चैतन्य को कंधों पर उठाकर कार्यकर्ताओं ने फूलों की बारिश की.
भूपेश बघेल बने कार ड्राइवर
चैतन्य बघेल के जेल से बाहर आने के बाद सबसे बड़ी तस्वीर तब सामने आई, जब भूपेश बघेल खुद गाड़ी ड्राइव कर चैतन्य को घर ले जाने लगे. भूपेश बघेल खुद अपनी कार चलाकर जेल परिसर से बाहर निकले. इस दौरान चैतन्य बघेल सनरूफ से बाहर निकलकर कार्यकर्ताओं का अभिवादन कर रहे थे और भूपेश बघेल के बगल की सीट पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत बैठे हुए थे. इस तस्वीर से भूपेश बघेल ने कांग्रेस में एकजुटता का बड़ा संदेश भी दिया.
‘मुझे संविधान पर भरोसा’
कांग्रेस कार्यकर्ता और भूपेश बघेल के समर्थक ढोल नगाड़े की आवास पर जमकर थिरके और चैतन्य के बाहर आने पर खुशी का इजहार किया. मीडिया से बातचीत करते हुए चैतन्य बघेल ने कहा कि जेल में बीते 6 महीने बहुत कठिन रहे हैं. संघर्ष केवल मैंने नहीं, बल्कि पूरे परिवार ने किया है. मुझे संविधान पर भरोसा है और न्यायपालिका पर विश्वास है.
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‘ED-EOW ने षड्यंत्र से बेटे को गिरफ्तार किया’
वहीं जेल से बेटे के बाहर निकालने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विस्तार न्यूज़ से बातचीत में कहा कि आज जेल परिसर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ के बताती है कि संघर्ष की लड़ाई में कांग्रेस परिवार हमारे साथ है. ED और EOW ने षड्यंत्र पूर्वक हमारे बेटे को गिरफ्तार किया था. कोर्ट ने जमानत दी है, यह सत्य की जीत है और यह न्याय की जीत है. भूपेश बघेल ने कहा कि बेटे के जन्मदिन के दिन ED ने उसे गिरफ्तार किया था. आज चैतन्य के बेटे का बर्थडे है, यानी मेरे पोते का बर्थडे है और आज इस दिन परिवार को बहुत बड़ी खुशी मिल रही है. संघर्ष की लड़ाई जारी रहेगी.
शराब घोटाले मामले में चैतन्य बघेल मुख्य आरोपी
बता दें कि ED के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में शराब घोटाला मामले में चैतन्य बघेल मुख्य आरोपी हैं. आरोप है कि शराब घोटाले से हुई कमाई के पैसे को चैतन्य बघेल ने अपने कंपनी में निवेश किया है. ED की चार्जशीट में चैतन्य बघेल को लगभग 1000 करोड रुपए का फायदा होने की बात कही गई है. इस मामले में भ्रष्टाचार को लेकर EOW भी चैतन्य बघेल के खिलाफ जांच कर रही है. दोनों मामलों में जमानत मिलने के बाद आज चैतन्य बघेल की रिहाई हुई है.