CG News: अंबिकापुर में दूषित पानी से पीलिया का प्रकोप, 100 से अधिक लोगों के ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजे गए

CG News: सर्वाधिक प्रभावित मोमिनपुरा में स्वास्थ्य विभाग ने विशेष शिविर लगाकर 100 से अधिक संदिग्ध मरीजों के रक्त नमूने एकत्र किए हैं.
Jaundice outbreak due to contaminated water in Ambikapur

अंबिकापुर में दूषित पानी से पीलिया का प्रकोप

CG News: अंबिकापुर शहर में पीलिया का प्रकोप अब एक वार्ड तक सीमित नहीं रह गया है. सर्वाधिक प्रभावित मोमिनपुरा में स्वास्थ्य विभाग ने विशेष शिविर लगाकर 100 से अधिक संदिग्ध मरीजों के रक्त नमूने एकत्र किए हैं. नवागढ़ और मोमिनपुरा के बाद आज घुटरापारा में भी पीलिया के 6 नए मरीज मिलने से संक्रमण के फैलाव की आशंका गहरा गई है. दूसरी ओर नगर निगम की जल शाखा क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों की मरम्मत में जुटी है, लेकिन सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल बने हुए हैं. प्रभावित इलाकों में नियमित सफाई और क्लोरीनेशन की स्थिति स्पष्ट नहीं है. अलग-अलग बस्तियों से प्रतिदिन मरीजों का सामने आना संकेत दे रहा है कि समस्या व्यापक हो सकती है.

व्यापक लापरवाही की आशंका

नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद आज भी निगम आयुक्त, पार्षदों, स्वास्थ्य विभाग और जल शाखा के कर्मियों के साथ प्रभावित क्षेत्र में लगाए गए स्वास्थ्य शिविर और पाइप लाइन सुधार कार्य की निगरानी में डटे रहे. उन्होंने कहा कि यदि यह केवल एक पाइप लाइन की खराबी का मामला होता, तो संक्रमण एक सीमित क्षेत्र तक रहता. लेकिन विभिन्न बस्तियों से मरीज मिलना बताता है कि कहीं न कहीं व्यापक स्तर पर लापरवाही हुई है. उन्होंने आशंका जताई कि या तो कई स्थानों पर पाइप लाइन मरम्मत कार्य अमानक और त्रुटिपूर्ण रहा है, या फिर जल शुद्धिकरण संयंत्र में निर्धारित मानकों के अनुरूप एलम, ब्लीचिंग पाउडर और क्लोरीन का उपयोग नहीं किया जा रहा. यदि पानी का समुचित शुद्धिकरण नहीं हो रहा है, तो शहरवासियों को दूषित पेयजल मिलना स्वाभाविक है, जो इस प्रकोप की जड़ हो सकता है.

जांच के लिए नमूने रायपुर भेजे गए

नगर निगम आयुक्त डीएन कश्यप ने मीडिया से चर्चा में बताया कि दूषित जल आपूर्ति की शिकायत के बाद तत्काल टीम गठित कर जांच शुरू की गई है. प्रभावित क्षेत्रों से पानी के कई नमूने लेकर जांच के लिए रायपुर भेजे गए हैं. रिपोर्ट प्राप्त होते ही आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी. इधर नागरिकों में चिंता बढ़ती जा रही है. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से उबला हुआ पानी पीने, स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने और लक्षण दिखने पर तत्काल जांच कराने की अपील की है.

मरीन ड्राइव तालाब के पास पाइप लाइन लीकेज बना खतरा

अब सवाल यह है कि जांच रिपोर्ट क्या खुलासा करती है और प्रशासन संक्रमण की श्रृंखला तोड़ने के लिए कितनी तेजी से ठोस कदम उठाता है. क्योंकि अंबिकापुर के प्रतापपुर नाका के पास स्थित मरीन ड्राइव तालाब से निकलने वाले नाले से होकर गुजरने वाली पेयजल पाइप लाइन में भी लीकेज है. यहां प्लास्टिक चिपकाकर लीकेज रोकने की कोशिश की गई है, लेकिन इसके बावजूद यहां से भी दूषित पानी पेयजल में मिल सकता है.

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