Exclusive: क्या हिडमा को देव जी ने मरवाया? सरेंडर करने वाले पूर्व नक्सल कमांडर देवा ने खुद बताया

हिडमा ने जानकारी देते हुए बताया, 'मैं साल 2003 में भर्ती हुआ था. हिडमा 1997 में भर्ती हुए थे. हम दोनों एक-दूसरे को भाई समझते थे.'
Before Vistar News, Naxal commander Deva made many shocking revelations.

विस्तार न्यूज़ से पूर्व नक्सल कमांडर देवा ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए.

Exclusive: हिडमा का सबसे करीबी साथी और नक्सल कमांडर देवा सरेंडर कर चुका है. देवा ने तेलंगाना में 3 जनवरी 2026 को आत्मसमर्पण किया था. तेलंगाना पुलिस की कस्टडी के दौरान विस्तार न्यूज़ की टीम ने नक्सल कमांडर देवा से बातचीत की. इस दौरान देवा ने कई बड़े चौंकाने वाली बातें बताई हैं. देवा ने नक्सल में भर्ती होने से लेकर हिडमा के मारे जाने को लेकर भी बातचीत की है.

‘हम दोनों एक-दूसरे को भाई समझते थे’

हिडमा ने जानकारी देते हुए बताया, ‘मैं साल 2003 में भर्ती हुआ था. हिडमा 1997 में भर्ती हुए थे. हम दोनों एक-दूसरे को भाई समझते थे. मनीष ने आरोप लगाया है कि देव जी ने हिडमा को मरवाया है और देव जी ने हिडमा को मरवाने की साजिश रची थी. लेकिन ये गलत और झूठ है. ऐसा बिलकुल भी नहीं है. ना तो देव जी ने हिडमा को मरवाया है और ना ही उनकी कोई साजिश थी.’

वहीं हिडमा से आखिरी बार संपर्क होने को लेकर पूछ गए सवाल पर भी देवा ने जवाब दिया. देवा ने बताया कि आखिरी बार वो हिडमा के साथ 27 अक्टूबर तक संपर्क में था. इसके बाद हिडमा विजयवाड़ा चला गया.

हिडमा और देवा एक ही गांव के रहने वाले थे

देवा का जिक्र जब भी होता है तो हिडमा का नाम अपने आप जुड़ जाता है. दोनों एक ही गांव के रहने वाले थे. नक्सल संगठन में दोनों को जय और वीरू की जोड़ी के रूप में जाना जाता था. देवा ने बताया कि वह हिडमा को भाई मानता था. लेकिन संगठन से दोनों एक-दूसरे को देखकर नहीं जुड़े थे. दोनों अलग-अलग विषय को लेकर नक्सल संगठन से जुड़े थे.

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