CG News: अंबिकापुर में पीलिया का कहर, क्लास आठवीं के छात्र की मौत, शहर में अब तक मिले 50 से अधिक मरीज

CG News: अंबिकापुर में पीलिया का प्रकोप खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. अब क्लास आठवीं में पढ़ने वाले एक छात्र की इलाज के दौरान मौत हो गई है.
Jaundice wreaks havoc in Ambikapur

अंबिकापुर में पीलिया का कहर

CG News: अंबिकापुर में पीलिया का प्रकोप खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. अब क्लास आठवीं में पढ़ने वाले एक छात्र की इलाज के दौरान मौत हो गई है. उसे अंबिकापुर के होलीक्रॉस अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन तबीयत बिगड़ने पर निजी अस्पताल ले जाया गया. इसके बाद उसे जीवन ज्योति अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई. दूसरी ओर अंबिकापुर में हर रोज पीलिया के नए मरीज मिल रहे हैं. अब तक 50 से अधिक मरीज सामने आ चुके हैं. नगर निगम द्वारा सप्लाई किया जा रहा पेयजल दूषित होने के कारण लोग पीलिया से पीड़ित हो रहे हैं.

नगर निगम प्रशासन लगातार लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहा है, लेकिन माना जा रहा है कि लंबे समय से दूषित पानी की सप्लाई हो रही थी और यही वजह है कि अचानक मरीजों की संख्या बढ़ी है. दूसरी तरफ अंबिकापुर की महापौर मंजूषा भगत ने विवादित बयान देते हुए कहा कि पीलिया की बीमारी फैलने में साजिश की बू आ रही है.

मृतक छात्र की पहचान

जानकारी के मुताबिक अंबिकापुर के नमनाकला खटीक पारा निवासी दिव्यांश राय क्लास आठवीं में अंबिकापुर के ही कार्मेल स्कूल में पढ़ाई करता था. 19 फरवरी को उसकी तबीयत बिगड़ी और उसे मिशन अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच में पीलिया होने की पुष्टि हुई. हालत लगातार गंभीर होती देख परिजन उसे प्रकाश अस्पताल ले गए. वहां से उसे जीवन ज्योति अस्पताल रेफर किया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है. दिव्यांश का अंतिम संस्कार उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में किया जा रहा है, क्योंकि वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला था. इस घटना के बाद शहर के अलग-अलग इलाकों में लोग डरे और चिंतित नजर आ रहे हैं.

पेयजल की जांच और प्रशासन की कार्रवाई

अंबिकापुर नगर निगम के कमिश्नर डी.एन. कश्यप ने बताया कि लगातार पेयजल की जांच के लिए सैंपल लिए जा रहे हैं. अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के अलावा सूरजपुर और रायपुर स्थित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की लैब में भी सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं. माना जा रहा है कि जल्द ही रिपोर्ट आ जाएगी, जिसके बाद नगर निगम को आवश्यक कार्रवाई करने में आसानी होगी. उनका कहना है कि जिन-जिन इलाकों में पेयजल में दूषित पानी मिलने की आशंका है, वहां मरम्मत का काम किया जा रहा है. नगर निगम की टीम स्वास्थ्य विभाग के अमले के साथ मिलकर स्थिति पर नजर रखे हुए है.

स्वास्थ्य विभाग की टीम करेगी जांच

जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पी.एस. मार्को ने बताया कि उन्हें भी एक बच्चे की पीलिया से मौत की जानकारी मिली है. उन्होंने कहा कि संबंधित इलाके में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजी जाएगी. वहां विशेष कैंप लगाकर लोगों की जांच और आवश्यक उपचार की व्यवस्था की जाएगी, ताकि बीमारी के प्रसार को रोका जा सके.

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