Surguja: 1000 किसानों के नाम पर 20 करोड़ से ज्यादा का फर्जी लोन, कलेक्ट्रेट का घेराव करने पहुंचे किसान

Surguja: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक हजार किसानों के नाम पर 20 करोड़ से ज्यादा रुपए का फर्जी लोन लेने का मामला सामने आया है. इस मामले का खुलासा होते ही किसानों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया, जिसके बाद जांच कमेटी का गठन किया गया है.
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किसानों के नाम पर फर्जी लोन

Surguja News: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिलों में किसानों के साथ बड़ा धोखा हुआ है. यहां करीब 1000 से अधिक किसानों के नाम पर फर्जी तरीके से सहकारी बैंक के अधिकारियों और सहकारी समिति के कर्मचारियों ने मिली भगत कर लोन ले लिया. जब किसान धान बेचने के लिए खरीदी केंद्रों में पहुंच रहे हैं तो उन्हें मिलने वाला धान का पैसा कर्ज में समायोजित कर दिया जा रहा है. जिले की पांच पंचायत के किसानों के नाम पर करीब 20 करोड़ रुपए से ज्यादा के फर्जी लोन का खुलासा होने के पर नाराज किसानों ने कलेक्टर ऑफिस का घेराव किया.

किसानों ने किया कलेक्ट्रेट का घेराव

किसानों के नाम पर 20 करोड़ रुपए से ज्यादा के फर्जी लोन का खुलासा होने पर 200 किसान अंबिकापुर कलेक्ट्रेट पहुंचे. किसानों ने कलेक्टर से मुलाकात कर लोन देने के नाम पर उनके साथ हुए फर्जीवाड़े की जानकारी दी. वहीं, दूसरी तरफ पिछले दिनों केरजू गांव स्थित सहकारी समिति के प्रबंधक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. किसानों के साथ यह फर्जीवाड़ा केरजू समिति में ही हुआ है, लेकिन अब समिति के प्रबंधक द्वारा आत्महत्या के बाद किसान सामने आ रहें हैं.

कलेक्टर को बताई परेशानी

सरगुजा जिले के सीतापुर विधानसभा क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत केरजू, कुनमेरा, हरदीसांड, ढोढागांव बंशीपुर गांव के किसान पूर्व खाद्य मंत्री अमरजीत भगत के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे. उन्होंने कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी समस्या रखी. किसानों ने बताया कि उनके साथ बड़ा धोखा हुआ है और इसका खुलासा अब तक हो रहा है जब वे धान लेकर बेचने के लिए धान खरीदी केंद्र में पहुंच रहे हैं. धान बेचने के बाद उन्हें बताया जा रहा है कि उनके नाम पर कर्ज है, जबकि उन्होंने कोई कर्ज नहीं लिया है. कई ऐसे भी लोग हैं, जो अब इस दुनिया में नहीं है लेकिन उनके नाम पर भी कर्ज लेकर हड़प लिया गया है. जबकि जिस तारीख में कर्ज लिया जाना बताया जा रहा है उससे पहले ही उनकी मौत हो चुकी है. कई किसानों ने बताया कि उन्होंने सोचा था कि धान बेचकर बेटियों की शादी करेंगे लेकिन अब कर्ज के नाम पर धान का पैसा काट लिया जा रहा है.

जांच टीम का हुआ गठन

इस पर सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने बताया कि किसने की इस शिकायत पर जिला स्तरीय जांच टीम गठित की जा रही है, जो नियत समय के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी. साथ ही साथ किसानों ने जिन बिंदुओं पर शिकायत की है उन सभी बिंदुओं की गहराई के साथ जांच की जाएगी.

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दूसरी तरफ किसानों के साथ कलेक्टर से मिलने पहुंचे पूर्व खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने बताया कि किसानों के साथ बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है. इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए क्योंकि पूरे साल भर मेहनत करने के बाद किसान अब अपनी फसल बेच रहे हैं तो उन्हें उसका पैसा नहीं मिल रहा है. फर्जी लोन में उनका धान का रुपए काट दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि समितियों में जो मनोनीत पदाधिकारी रखे गए हैं, उन्हें इसकी मॉनिटरिंग करनी चाहिए लेकिन पदाधिकारियों व अधिकारी कर्मचारियों की मिली भगत से किसानों के साथ यह बड़ा छलावा है.

जिस सरकारी समिति में किसानों के साथ गड़बड़ी हुई है उसी समिति के शाखा प्रबंधक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. इसके बाद से पुलिस आत्महत्या मामले की जांच में जुटी है, लेकिन अब माना जा रहा है कि किसानों के नाम पर फर्जी तरीके से लोन के इस मामले की वजह से भी शाखा प्रबंधक अरविंद गुप्ता ने आत्महत्या की होगी.

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