यात्रियों पर किराये की मार! मिडिल ईस्ट तनाव के बीच भारत लौटना हुआ महंगा, दुबई से दिल्ली-मुंबई का किराया 1 लाख तक पहुंचा

CG News: सामान्य दिनों में दुबई या अबूधाबी से भारत आने का किराया लगभग 10 से 14 हजार रुपए होता था. पीक सीजन में यह 15 से 20 हजार तक पहुंच जाता था, लेकिन अभी यही किराया बढ़कर 80 हजार से एक लाख रुपए तक पहुंच गया है.
flights

सांकेतिक तस्वीर

CG News: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर अब आम लोगों की जेब पर भी दिखने लगा है. अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव की वजह से खाड़ी देशों से भारत लौटना इन दिनों काफी महंगा हो गया है. दुबई और अबूधाबी से छत्तीसगढ़ लौटे यात्रियों का कहना है कि एयरलाइंस कंपनियां दिल्ली और मुंबई की टिकट एक लाख रुपए तक में बेच रही हैं. कई लोग मजबूरी में इतनी महंगी टिकट लेकर घर लौट रहे हैं, जबकि कुछ लोग किराया कम होने का इंतजार कर रहे हैं.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, अभी हालात ऐसे हैं कि दुबई, अबूधाबी, कतर और जेद्दा से भारत के लिए बहुत कम फ्लाइट चल रही हैं. ज्यादातर कनेक्टिंग फ्लाइट बंद हो गई हैं और सिर्फ कुछ डायरेक्ट फ्लाइट ही मिल रही हैं. पहले लोग कनेक्टिंग फ्लाइट से कम पैसे में भारत पहुंच जाते थे, लेकिन अब विकल्प कम होने की वजह से लोगों को ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं. इन शहरों से रोजाना सिर्फ दो से तीन फ्लाइट को ही अनुमति मिल रही है. यात्रियों की संख्या ज्यादा है और सीटें कम हैं, इसलिए किराया तेजी से बढ़ गया है.

1 लाख रुपये तक पहुंचा किराया

सामान्य दिनों में दुबई या अबूधाबी से भारत आने का किराया लगभग 10 से 14 हजार रुपए होता था. पीक सीजन में यह 15 से 20 हजार तक पहुंच जाता था, लेकिन अभी यही किराया बढ़कर 80 हजार से एक लाख रुपए तक पहुंच गया है. ऐसे में कुछ लोग डायरेक्ट फ्लाइट न लेकर ओमन के रस्ते से भारत पहुंच रहे हैं. इस सफर समय तो ज्यादा लग रहा है पर किराया कम होने के कारण आम जनता की जेब को थोड़ी राहत मिलती है. दूसरी तरफ दुबई जाने वाले कई लोग अपनी टिकटें कैंसिल भी कर रहे हैं.

ये भी पढ़ें: LPG Crisis: अंबिकापुर में बंद होने के कगार में रेस्टोरेंट-होटल, सिर्फ अस्पताल और स्कूल कॉलेज को ही दिया जा रहा है कमर्शियल सिलेंडर, लोग परेशान

मिडिल ईस्ट का तनाव का आसर

  • इस अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर घरेलू बाजार में भी दिखाई देने लगा है.
  • गैस सिलेंडर के दाम करीब 60 रुपए तक बढ़ गए हैं.
  • इसके साथ ही गैस सिलेंडर की बुकिंग के नियम में भी बदलाव किया गया है.
  • पहले 21 दिन बाद सिलेंडर बुक होता था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है.
  • बताया जा रहा है कि यह फैसला गैस माफिया द्वारा ज्यादा सिलेंडर जमा करने से रोकने के लिए लिया गया है.
  • अगर हालात जल्दी नहीं सुधरे तो आने वाले दिनों में इसका असर और बढ़ सकता है।

ज़रूर पढ़ें