रायपुर ने रचा इतिहास… 5 लाख विद्यार्थियों ने एक साथ गाया वंदे मातरम्, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने किया नेतृत्व
रायपुर ने रचा इतिहास
Raipur News: 15 जनवरी को सेना दिवस के मौके पर रायपुर ने इतिहास रच दिया. रायपुर लोकसभा क्षेत्र ने देशभक्ति का अद्भुत, अनुकरणीय और ऐतिहासिक उदाहरण प्रस्तुत किया. सांसद बृजमोहन के प्रेरक मार्गदर्शन एवं प्रभावी नेतृत्व में करीब 5 लाख विद्यार्थियों ने एक साथ सामूहिक पूर्ण वंदे मातरम् का गायन कर देश में नया कीर्तिमान स्थापित किया. रायपुर और बलौदाजबाजार-भाटापारा के करीब 3000 स्कूल, कॉलेज समेत विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के 5 लाख विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने मिलकर यह कीर्तिमान रचा.
5 लाख विद्यार्थियों ने एक साथ गाया वंदे मातरम्
रायपुर के नेताजी सुभाष स्टेडियम में रायपुर और बलौदाजबाजार-भाटापारा के करीब 3000 स्कूल, कॉलेज समेत विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के 5 लाख विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने एक साथ मिलकर वंदे मातरम् गाया. मुख्य कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन खुद उपस्थित रहे, जहां विद्यार्थियों और कैडेट्स ने उनका जोरदार स्वागत किया.
श्री राम संगीत महाविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा पूर्ण वंदे मातरम् का संगीतमय गायन किया गया. इस कार्यक्रम में उपस्थित हजारों विद्यार्थियों, एनएसएस, स्काउट्स एंड गाइड्स, एनसीसी कैडेट्स तथा देशप्रेमियों के साथ एक स्वर में वन्दे मातरम् का सामूहिक गायन किया. यह दृश्य राष्ट्र प्रेम, एकता और अनुशासन का जीवंत प्रतीक बन गया, जो अत्यंत भावविभोर करने वाला रहा. इस मौके पर विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग देशभक्ति कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई, जिसने पूरे वातावरण को राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत कर दिया.
ऐतिहासिक आयोजन
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य जन-जन के मन में भारत माता के प्रति आदर, सम्मान और गहरी देशभक्ति की भावना को जागृत करना है. मातृभूमि के प्रति समर्पण, कर्तव्यबोध और राष्ट्रभक्ति के संस्कार भावी पीढ़ी में विकसित हों इसी संकल्प के साथ यह ऐतिहासिक आयोजन किया गया है.
उन्होंने कहा कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित ‘वंदे मातरम्’ भारत का राष्ट्रीय गीत है, जिसका शाब्दिक अर्थ है “मैं अपनी मातृभूमि को नमन करता हूं. भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान यह गीत क्रांतिकारियों का उद्घोष बना और इसी गगनभेदी नारे के साथ वीर शहीदों एवं स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध संघर्ष किया और देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी.
उन्होंने आगे कहा कि ‘वंदे मातरम्’ ने देशवासियों के भीतर एकता, साहस और बलिदान की भावना को प्रज्वलित किया. यह गीत आज भी हमें यह स्मरण कराता है कि देश केवल भूमि का टुकड़ा नहीं, बल्कि हमारी मां है. वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति समर्पण, सम्मान और संकल्प का उद्घोष है. उन्होंने आने वाली पीढ़ियों में राष्ट्रभक्ति की चेतना को और सशक्त करने हेतु सभी शिक्षण संस्थानों में सप्ताह में एक दिन सामूहिक वंदे मातरम् गायन करने का आह्वान किया.