रायपुर में धर्मांतरण पर बवाल, किराए के मकान में प्रार्थना सभा, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध
प्रार्थना सभा में बवाल
CG News: राजधानी रायपुर में एक बार फिर धर्मांतरण को लेकर बवाल मचा है. जहां एक किराने के मकान में रविवार को प्रार्थना सभा का आयोजन हो रहा था. जिसमें ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार किया जा रहा था. वहीं धर्मांतरण को लेकर बजरंग दल ने भी जमकर विरोध जताया है.
भीम आर्मी और बजरंग दल के कार्यकर्ता आमने-सामने
इस बीच भीम आर्मी और बजरंग दल के कार्यकर्ता एक बार फिर आमने-सामने आ गए. पुलिस द्वारा ईसाई धर्म के कुछ लोगों को उठाकर लाने पर भीम आर्मी ने विरोध किया. इसके बाद बड़ी संख्या में दोनों ही पक्ष के लोग सिविल लाइन थाना पहुंचे.
इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत 4 लोगों को हिरासत में लिया है. वहीं मुख्य आरोपी पर FIR दर्ज किया गया है.
धर्मांतरण रोकने को लेकर बनेगा सख्त कानून
बता दें कि छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार धर्मांतरण रोकने को लेकर सख्त कानून बनाने जा रही है. जहां विधानसभा के बजट सत्र में साय सरकार धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 लाने वाली है. सूत्र बताते हैं कि गृह विभाग ने विस्तृत अध्ययन के बाद इसका पूरा मसौदा तैयार कर लिया है. विधेयक विधानसभा में पास होने के बाद राज्यपाल के पास जाएगा और राज्यपाल की मंजूरी के बाद कानून बन जाएगा.
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बताया जा रहा है कि राज्य सरकार ने धार्मिक स्वतंत्रता कानून बनाने के लिए ओडिशा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश समेत नौ राज्यों के अधिनियम का अध्ययन किया है. सूत्र बताते हैं कि नए विधेयक में बिना सूचना के जबरिया धर्म परिवर्तन करने या करवाने पर 10 वर्ष तक की कठोर सजा का प्रावधान हो सकता है. साथ ही जबरन धर्मांतरण की व्याख्या भी स्पष्ट की जाएगी. सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित विधेयक का मुख्य लक्ष्य किसी भी तरह की जबरदस्ती, धोखाधड़ी, प्रलोभन या दबाव के माध्यम से किए जाने वाले धर्मांतरण को रोकना है. प्रस्तावित नया कानून वर्तमान छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 1968 की जगह लेगा.