Republic Day 2026: छत्तीसगढ़ के इन जिलों के 47 गांवों में पहली बार मनाया जाएगा रिपब्लिक डे, शान से लहराएगा तिरंगा

Republic Day 2026: आज से पहले तीनों जिलों के इन 47 गांवों में कभी गणतंत्र दिवस नहीं मनाया गया. ये पहला मौका है, जब तिरंगा फहराया जाएगा. इससे पहले ना तो यहां ध्वजारोहण हुआ और ना ही किसी राष्ट्रीय पर्व पर कार्यक्रम मनाया गया.
tiranga

तिरंगा (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Republic Day 2026: आज देश भर में 77वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है. देश के कोने-कोने में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया जाएगा. छत्तीसगढ़ के लोगों में भी रिपब्लिक डे को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. इसके साथ ही राज्य से एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित 47 गांवों में 2026 में पहली बार गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा.

किन जिलों के गांवों में पहली बार मनाया जाएगा गणतंत्र दिवस?

छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद को खत्म करने के लिए डेडलाइन करीब आ रही है. राज्य से 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे से पहले बस्तर संभाग से शानदार खबर सामने आई है. यहां के 47 गांवों में दशकों से डर, हिंसा और बंदूक के साये में रह रहे लोग पहली बार गणतंत्र दिवस मनाएंगे. बस्तर संभाग के बीजापुर, नारायणपुर और सुकमा जिलों के 47 गांवों में पहली रिपब्लिक डे सेलिब्रेट किया जाएगा.

आज से पहले तीनों जिलों के इन 47 गांवों में कभी गणतंत्र दिवस नहीं मनाया गया. ये पहला मौका है, जब तिरंगा फहराया जाएगा. इससे पहले ना तो यहां ध्वजारोहण हुआ और ना ही किसी राष्ट्रीय पर्व पर कार्यक्रम मनाया गया.

ये भी पढ़ें: Padma Awards 2026: छत्तीसगढ़ की ‘बड़ी दीदी’ बुधरी ताती को मिलेगा पद्मश्री सम्मान, नक्‍सल प्रभावित क्षेत्रों फैलाया है उजाला

सीएम विष्णुदेव साय ने जताई खुशी

  • छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस बारे में कहा कि 47 गांवों में पहली बार तिरंगा फहराया जाएगा. ये ना केवल राष्ट्रीय पर्व का उत्सव होगा बल्कि ये शांति, लोकतंत्र और विकास की जीत का सशक्त संदेश भी है.
  • पहली बार गणतंत्र दिवस मनाने को लेकर ग्रामीणों में गजब का उत्साह है. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक गजब का उत्साह दिखाई दे रहा है. लोगों में मुख्यधारा से जुड़ने का उत्साह देखा जा रहा है.
  • नक्सल प्रभावित गांवों में सुरक्षाबलों ने कैंप लगाकर विकास योजनाओं को गांव तक पहुंचाया है और लोगों को सुरक्षा प्रदान की है. इन क्षेत्रों में 59 सुरक्षा कैंप लगाए जा चुके हैं.

ज़रूर पढ़ें