‘गांधीवादी तरीके से होगा विधानसभा का घेराव, रखेंगे उपवास’ छत्तीसगढ़ में सचिन पायलट बोले- मनरेगा को खत्म करना…

CG News: छत्तीसगढ़ दौरे पर आए प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने कहा कि सरकार मनरेगा में गांधी जी का नाम हटाकर योजना को समाप्त करने की तरफ धकेल रही है. इसके खिलाफ गांधीवादी तरीके से विधानसभा का घेराव होगा.
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छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट

CG News: छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट एक दिवसीय रायपुर दौरे पर पहुंचे. इस दौरन उन्होंने राजीव भवन में पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) और नव नियुक्त जिला अध्यक्षों की संयुक्त बैठक ली. इस बैठक के बाद उन्होंने VB-GRAM-G विधेयक के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है. उन्होंने सरकार पर मनरेगा में गांधी जी का नाम हटाकर योजना को समाप्त करने का आरोप लगाया है. साथ ही प्रदेशव्यापी ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ अभियान चलाने की बात कही.

‘विधानसभा का घेराव, रखेंगे उपवास’

प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने में कहा कि केंद्र सरकार दुर्भावना से मनरेगा का नाम बदलकर इसे पूरी तरह खत्म करने पर तुली हुई है. यह गरीबों और वंचितों के अधिकारों पर हमला है. AICC के निर्देश पर 10 जनवरी को सभी जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी, उसके बाद एक दिवसीय उपवास और 26 जनवरी को ग्राम पंचायतों में प्रस्ताव पारित करवाया जाएगा. विधानसभा घेराव भी किया जाएगा. पूरा आंदोलन गांधीवादी तरीके से शांतिपूर्ण रहेगा.

गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करें

उन्होंने कहा कि यह जनता का मुद्दा है, इसलिए जनता कांग्रेस के साथ खड़ी होगी. सभी जिला अध्यक्षों को निर्देश दिया गया कि कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करें.

‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ अभियान

10 जनवरी से 26 फरवरी 2026 तक कांग्रेस ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ अभियान चलाया जाएगा. इस दौरान 10 जनवरी को सभी जिला मुख्यालयों पर DCC कार्यालयों में प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी. इसके जरिए अभियान का औपचारिक शुभारंभ होगा.

एक दिवसीय उपवास

सचिन पायलट ने बताया कि 11 जनवरी को जिला मुख्यालयों या प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, जैसे महात्मा गांधी या डॉ. बीआर आंबेडकर की प्रतिमाओं के पास एक दिवसीय उपवास किया जाएगा.

पंचायत स्तर पर जनसंपर्क

इसके बाद 12 से 29 जनवरी तक पंचायत स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा. सभी ग्राम पंचायतों में चौपालें और जनसंपर्क कार्यक्रम होगा. कांग्रेस अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष के पत्र ग्राम प्रधानों, पूर्व प्रधानों, रोजगार सेवकों और मनरेगा श्रमिकों तक पहुंचाए जाएंगे. विधानसभा स्तर पर नुक्कड़ सभाएं और पर्चा वितरण भी होगा.

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इसके बाद 30 जनवरी को वार्ड और ब्लॉक स्तर पर शांतिपूर्ण धरना होगा. वहीं, 31 जनवरी से 6 फरवरी तक जिला स्तर पर ‘मनरेगा बचाओ’ धरना होगा. कलेक्टर/डीएम कार्यालयों के बाहर धरना, फिर विधेयक वापस लेने और मनरेगा को मूल रूप में बहाल करने की मांग वाला ज्ञापन सौंपा जाएगा.

राज्य स्तरीय विधानसभा घेराव

7 फरवरी से 15 फरवरी तक राज्य स्तर पर विधानसभा घेराव का आयोजन होगा. पीसीसी नेतृत्व में अधिकतम लोगों की भागीदारी से केंद्र की राज्यों पर बोझ डालने वाली नीति का विरोध किया जाएगा.

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