Surguja: ग्रामसभा की अनदेखी, कोल माइंस संचालन और पेड़ों की कटाई जारी, जमकर गरजे कांग्रेस नेता विक्रांत भूरिया
गरजे कांग्रेस नेता विक्रांत भूरिया
Surguja News: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के आदिवासी बाहुल्य विकासखंड उदयपुर अंतर्गत कोल प्रभावित ग्राम हरिहरपुर में कांग्रेस के वरिष्ठ आदिवासी नेता डॉ. विक्रांत भूरिया पहुंचे. इस दौरान उन्होंने बगैर ग्राम सभा के प्रस्तावों के कोयला खदानों के संचालन, बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई और संविधान एवं पेसा कानून की अनदेखी को लेकर राज्य सरकार और खनन एजेंसियों पर हमला बोला.
विधानसभा और संसद में उठाएंगे मुद्दा
कांग्रेस नेता विक्रांत भूरिया ने कहा कि हसदेव अरण्य क्षेत्र में खनन के नाम पर स्थानीय ग्राम सभाओं की सहमति को दरकिनार किया जा रहा है, जो संवैधानिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे मामले को विधानसभा और संसद में प्रमुखता से उठाया जाएगा, ताकि पूरा देश हसदेव का सच जाने. कार्यक्रम में बलरामपुर, सरगुजा और सूरजपुर जिलों से आए सैकड़ों ग्रामीणों ने खनन से जुड़ी अपनी समस्याएं सामने रखीं. ग्रामीणों ने बताया कि खदानों के विस्तार से जल, जंगल, जमीन, आजीविका, स्वास्थ्य और पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है. ग्राम सभाओं के प्रस्तावों के बिना आगे बढ़ाए जा रहे प्रोजेक्ट्स से विश्वासघात की स्थिति बन रही है.
PEKB, PCB और केते एक्सटेंशन पर उठे सवाल
विक्रांत भूरिया ने परसा ईस्ट–केंटे बासेन (PEKB), परसा सेंट्रल ब्लॉक (PCB) और केते (Kete) एक्सटेंशन परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में खनन स्वीकृतियों, पर्यावरणीय शर्तों और ग्राम सभा की भूमिका को लगातार कमजोर किया जा रहा है. हसदेव अरण्य जैसे संवेदनशील वन क्षेत्र में परियोजनाओं के विस्तार से जैव विविधता और स्थानीय समुदायों का भविष्य खतरे में है.
उन्होंने बताया कि हसदेव क्षेत्र की कोयला परियोजनाएं राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (RVUNL) को आबंटित हैं, जबकि इनका संचालन माइन डेवलपर एंड ऑपरेटर (MDO) के रूप में किया जा रहा है। माइंस को आपरेट करने में स्थानीय सहमति, पारदर्शिता और कानूनों के पालन को प्राथमिकता नहीं दी जा रही, जो गंभीर चिंता का विषय है।
राहुल गांधी से मिलकर रखेंगे वस्तुस्थिति
डॉ. भूरिया ने कहा कि वे राहुल गांधी से मुलाकात कर सरगुजा संभाग में खनिज संसाधनों के दोहन के नाम पर संविधान, पेसा कानून और नियमों की अनदेखी की वस्तुस्थिति से अवगत कराएंगे, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को मजबूती से उठाया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान हुआ विवाद, पुलिस हस्तक्षेप के बाद हुआ शांत
आज कोल परियोजना समर्थक और खदान मे काम करने वाले कर्मचारी महिला पुरुष लगभग 50 की संख्या में सुबह से ही सालही मोड़ पर एकत्रित हो गए और बाहर से आने जाने वाले लोगों को रोकना प्रारम्भ कर दिया. दोपहर 12 बजे करीब भानु प्रताप सिंह जब मौके पर पहुंचे तो ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में तीखी बहस हो गई प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद लगभग आधे घंटे में मामला शांत हुआ फिर अनुसूचित जनजाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष भानुप्रताप हरिहरपुर पहुंचे.
कांग्रेस नेतृत्व में हुआ आयोजन
कार्यक्रम का आयोजन जिला कांग्रेस अध्यक्ष सूरजपुर शशि सिंह और भानु प्रताप सिंह (पूर्व अध्यक्ष, एसटी-एससी आयोग) के नेतृत्व में हुआ. इस अवसर पर आंदोलनकारी रामलाल, मुनेश्वर, सुनीता, विद्या सागर आयम, त्रिभुवन सिंह, जगत आयम, संतोष पावले, शिवभजन मरावी, आनंद कुंवर, रामलखन सिंह, रामकुमार सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित रहे.