Surguja: लखनपुर के लब्जी जामा पंचायत में फर्जी राशन कार्ड घोटाला, इंस्पेक्टर ने मामला दबाया, SDM बोले- जांच होगी

Surguja: सरगुजा जिले के लखनपुर जनपद पंचायत क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत लब्जी जामा ग्राम पंचायत में फर्जी राशन कार्ड से हर महीने लाखों रुपए का राशन कार्ड घोटाला का मामला सामने आया है.
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लखनपुर के लब्जी जामा पंचायत में फर्जी राशन कार्ड घोटाला

Surguja: सरगुजा जिले के लखनपुर जनपद पंचायत क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत लब्जी जामा ग्राम पंचायत में फर्जी राशन कार्ड से हर महीने लाखों रुपए का राशन कार्ड घोटाला का मामला सामने आया. जब फूड इंस्पेक्टर इस पूरे मामले की जांच के लिए 20 दिन पहले ग्राम पंचायत पहुंचे थे, तब लोगों ने भी उन्हें इसकी जानकारी दी थी लेकिन फूड इंस्पेक्टर और नायब तहसीलदार ने अपनी जांच रिपोर्ट में इसका जिक्र नहीं किया और यही वजह है कि इस पूरे मामले में कार्रवाई नहीं हो सकी है, जबकि पिछले 1 साल से अधिक समय से 25 से अधिक फर्जी राशन कार्ड के नाम पर जारी होने वाले राशन को राशन दुकानदार के द्वारा हड़प लिया जा रहा था, क्योंकि इस पंचायत में राशन वितरण सिस्टम ऑफ लाइन चलता है. वहीं जब जांच के दौरान फूड इंस्पेक्टर गांव पहुंचे थे तब उन्हें फर्जी राशन कार्ड की लिस्ट भी उपलब्ध कराई गई थी.

लखनपुर के लब्जी जामा पंचायत में फर्जी राशन कार्ड घोटाला

लब्जी ग्राम पंचायत में पहाड़ी कोरवा जनजाति के दर्जनों परिवार के लोगों को तीन माह से राशन नहीं मिला था. विस्तार न्यूज ने प्रमुखता से खबर दिखाई थी. इसके बाद जांच के लिए फूड इंस्पेक्टर सतपाल सिंह और नायब तहसीलदार पहुंचे थे, तब पहाड़ी कोरवाओ ने दोनों अधिकारियों को बताया था कि उन्हें तीन माह से राशन नहीं मिला है. गांव में इंटरनेट नहीं चलने के कारण ऑफलाइन चावल शक्कर और चना वितरण किया जाता है और राशन कार्ड में भी उनके अनपढ़ होने का फायदा उठाकर राशन देना बता दिया गया है. वहीं जांच के दौरान यह भी सामने आया कि 25 से अधिक राशन कार्डधारी ऐसे हैं, जो गांव में हैं ही नहीं और ऑफलाइन सिस्टम के कारण उनके नाम पर राशन वितरण होना बताकर हर माह कई क्विंटल चावल और शक्कर घोटाला किया जा रहा है लेकिन जांच के नाम पर सिर्फ लीपापोती किया गया और दिखावे के लिए एसडीएम को जांच रिपोर्ट भेजा गया.

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इंस्पेक्टर ने मामला दबाया, SDM बोले- जांच होगी

इस पूरे मामले में एसडीएम वन सिंह ने नेताम का कहना है कि फूड इंस्पेक्टर ने उन्हें हितग्राहियों को चावल नहीं मिलने से संबंधित जांच रिपोर्ट भेजी है. फर्जी राशन कार्ड से संबंधित जांच रिपोर्ट नहीं भेजी गई है. जांच के दौरान फर्जी राशन कार्ड का मामला सामने आया था तो फिर फूड इंस्पेक्टर ने इतनी बड़ी लापरवाही कैसे की है यह जांच का विषय है.

इस पूरे मामले की एक बार फिर से जांच कराई जाएगी और फर्जी राशन कार्ड का सत्यापन कराया जाएगा. राशन कार्ड वाकई में फर्जी पाया जाता है तो राशन दुकानदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अधिकारी की जाएगी क्योंकि यह काफी सेंसिटिव मुद्दा है.

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