Raipur: टाटीबंध के उदया सोसायटी सेक्टर-2 में फिर सड़क पर केक-कटिंग का वीडियो सामने आया. वीडियो में दिख रहे युवकों ने शोर मचाते हुए सड़क पर जमकर आतिशबाजी की.
Raipur News: रायपुर ऐश्वर्या अंपायर सोसाइटी में बिल्डिंग के 10वीं मंजिल से 11 साल की छात्रा गिर गई. ऊंचाई से गिरने के बाद जमीन पर लड़की का सिर बुरी तरह फट गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
CG News: रायपुर सांसद सांसद बृजमोहन अग्रवाल अपने पूरे परिवार के साथ प्रयागराज के महाकुंभ पहुंचे जहां उन्होंने त्रिवेणी सगंम में आस्था की डुबकी लगाई.
Maha kumbh 2025: एक कपल पूरे परिवार के साथ बरेली से आस्था की डुबकी लगाने महाकुंभ पहुंचे हुए थे. वहीं विस्तार न्यूज से बातचीत के दौरान महाकुंभ की व्यवस्था को लेकर पति-पत्नी के बीच ही नोक झोंक होने लगी. बाद में विस्तार न्यूज़ के रिपोर्टर के समझाने पर कैमरे पर ही कपल्स ने एक दूसरे को रोज़ का फुल देकर प्यार का इजहार किया.
Maha Kumbh 2025: महाकुंभ में रविवार देर रात को एक साथ 1 हजार से ज्यादा संन्यासी नागा साधु बनाए गए. ये सभी संन्यासी जूना अखाड़े के हैं. रविवार को नागा साधु बनने वाले संन्यासियों ने संगम घाट पर अपना और अपनी सात पीढ़ियों का पिंडदान किया.
Maha kumbh 2025: संगम नगरी प्रयागराज में लगे महाकुंभ में आगजनी की घटना से निपटने के लिए बहुत बड़ा फायर तंत्र काम कर रहा है. अगर कहीं आगजनी की घटना होती है, तो तत्काल रूप से उस पर काबू पा लिया जाए इस तरीके का सिस्टम इस बार महाकुंभ में बनाया गया है.
महाकुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक और सामाजिक उत्सव भी है. यशवी जैसी छोटी बच्ची का महाकुंभ में सक्रिय रूप से हिस्सा लेना यह दिखाता है कि बच्चों में भी गहरी आस्था और श्रद्धा हो सकती है.
पुलिस अधिकारियों ने ओपी राजभर को मनाने की कोशिश की, लेकिन मंत्री जी का हौसला देखकर उन्हें भी समझ में आ गया कि यह कोई सामान्य मुद्दा नहीं है! पुलिस और मंत्रियों की तमाम कोशिशों के बावजूद, ओपी राजभर अपनी बात पर अडिग रहे.
Maha Kumbh 2025: र्षा के कुंभ छोड़ने को लेकर विस्तार न्यूज ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महेंद्र रवींद्र पुरी महाराज से खास बातचीत की. जिसमें उन्होंने कई बड़े बयान दिए हैं.
Maha Kumbh 2025: महाकुंभ में भजन-कीर्तन कर रहे साधुओं के एक जत्थे की खूब चर्चा हो रही है. यह जत्था काफी अनोखा है और इन साधुओं को जंगम साधु कहा जाता है. ये साधु कभी भी हाथ में भिक्षा नहीं लेते हैं. जानें जंगम साधुओं की कहानी.