Surguja: छत्तीसगढ़ के सरगुजा लोकसभा के सांसद चिंतामणि महाराज ने पंडो जनजाति के लोगों का दर्द जानने के लिए पूरी रात झोपड़ी में गुजारी. इस दौरान सांसद ने पंडित जनजाति के लोगों से बातचीत की तो पता चला कि कई ऐसे परिवार हैं, जिनका आज तक आधार कार्ड और राशन कार्ड तक नहीं बना है
New Year 2025: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के सीतापुर विधानसभा के विधायक रामकुमार टोप्पो अपने अनोखे अंदाज के लिए जाने जाते हैं और इस बार भी नए साल के पहले दिन मैनपाट के माझी और पहाड़ी कोरवा जनजाति के लोगों के बीच पहुंच गए
New Year 2025: नए साल को लेकर सरगुजा में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. इस साल यहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है, इसके साथ ही सड़क पर शराब पीकर चलने वाले लोगों पर भी निगरानी रखी जाएगी
Ambikapur: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर के निजी अस्पतालों में स्वस्थ लोगों को लाकर भर्ती कराया जा रहा है और ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि आयुष्मान योजना में गड़बड़ी की जा सके और सरकार को चुना लगाया जा सके.
Ambikapur: अंबिकापुर में जिला सत्र न्यायालय के पीछे उद्योग एवं व्यापार केंद्र परिसर में टेक्सटाइल मिनिस्ट्री के सहयोग से स्किल इंडिया (Skill India) प्रोग्राम शुरू किया गया था. स्किल इंडिया के तहत करीब 10 करोड़ से अधिक की लागत में एक अत्याधुनिक ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण किया गया था.
CG News: रायपुर के रहने वाले कारोबारी को दुष्कर्म के मामले में फंसाकर 61 लाख रुपए की डिमांड करने वाले युवती और उसके तीन अन्य सहयोगियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ का शिमला कहे जाने वाले मैनपाट में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई चल रही है. लकड़ी माफिया यहां पेड़ों की कटाई कर रहे हैं. उसके बाद उसे वाहनों में लोडकर अंबिकापुर सहित आसपास के लकड़ी आरा मिल में खपा रहे हैं.
Surguja: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में मानव तस्करी का गंदा धंधा रुकने का नाम नहीं ले रहा है. सरगुजा जिले के उदयपुर पुलिस ने चार नाबालिग लड़कियों को मानव तस्कर के चुंगल से छुड़ाया है.
सरगुजा जिला में जिला अध्यक्ष बनने के लिए दर्जन भर से अधिक दावेदार थे, लेकिन नेताओं से राय शुमारी के बाद पैनल में चार लोगों का नाम तय किया गया है, जिसमें भारत सिंह सिसोदिया, तिपतेंद्र पुरिया, कैलाश मिश्रा और अंबिकेश केसरी का नाम शामिल है.
Surguja: सरगुजा जिले के सीतापुर इलाके में स्थित है हरदीसांड नामक गांव. इस गांव की रहने वाली अनीता मिंज पिछले 12 साल से गायब है. अनीता का परिवार आर्थिक रूप से बेहद ही कमजोर है, दो वक्त की रोटी जुटाना इस परिवार के लिए बेहद ही कठिन है और यही वजह है कि अनीता के मां-बाप मानव तस्करों के झांसे में आ गए