Ambikapur News: पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले दिनों एक निजी स्कूल की छात्रा को हर रोज की तरह स्कूल वैन चालक लव कुश कन्नौजिया लेने के लिए उसके घर गया. इसके बाद उसे स्कूल छोड़ने के बजाय गांधीनगर थाना क्षेत्र स्थित एक जंगल में ले गया.
Ambikapur News: आरोपी अनूप गुप्ता ने पूछताछ में बताया कि वह गढ़वा के रंजीत विश्वकर्मा, मंजूर अंसारी और प्रमोद जायसवाल के जरिए माल खरीदता है. रंजीत विश्वकर्मा मेंन डीलर है जो नशीले इंजेक्शन व टेबलेट का सौदा करता है.
Mainpat News: सरगुजा स्थित मैनपाट में बॉक्साइट खदान को लेकर फिर से ग्रामीणों का विरोध शुरू हो गया है. किसानों को बिना मुआवजा दिए माइनिंग करने पर जैसे ही ग्रामीणों का गुस्सा फूटा तो कंपनी ने मशीनें हटा ली. जानें पूरा मामला-
Ambikapur News: सरगुजा के अंबिकापुर में स्वागत करने वाले खूबसूरत पहाड़ों को माफिया निगल रहे हैं. वहीं, पहाड़ों पर बने गौठानों को मशीनों से उड़ाया जा रहा है.
Durg: राष्ट्रपति महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के मौके पर कांग्रेस ने दुर्ग में जमकर प्रदर्शन किया. इस दौरान मनरेगा का नाम बदलने को लेकर सरकार को भी घेरा.
Ambikapur: सरगुजा जिले के खलिबा गांव में स्थित नवोदय विद्यालय के छात्रों ने गंभीर आरोप लगाया है. छात्रों का कहना है कि उन्हें घटिया और बेहद खराब भोजन दिया जा रहा है. कई बार उनकी थाली में मकड़ी, कीड़े और यहां तक की दाल में एक बार फिटकरी मिलाकर खाने के लिए दे दिया गया था.
CG News: सरगुजा जिले के लखनपुर और उसके आसपास के इलाकों में दर्जनों की संख्या में चिमनी ईंट भट्ठे संचालित किया जा रहे हैं. जहां पर अवैध कोयला खपाया जा रहा है लेकिन खनिज विभाग के अधिकारी जांच करने भी नहीं पहुंच रहे हैं.
CG News: गांधीनगर थाना प्रभारी प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि अंबिकापुर मठ पारा निवासी रोशन तिवारी ने थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि ओमेगा टोप्पो के द्वारा अपने घर पर अत्यधिक लोगों को जुटाकर हिन्दू धर्म के विषय में आपत्तिजनक टिप्पणी कर ईसाई धर्म में लोगों को धर्मांतरित करने के संबंध में प्रोत्साहित किया जा रहा था.
Ambikapur: अंबिकापुर में एक ठेकेदार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, बताया जा रहा है कि वह मानसिक रूप से काफी परेशान चल रहा था, ठेकेदारी के काम में नुकसान होने के कारण वह परेशान रह रहा था.
Ambikapur: अंबिकापुर में स्थानीय स्तर पर अमानक बीज की पैकिंग करने के बाद उसे धान लगाने के सीजन में बेचने का प्रयास किया गया लेकिन जब कई टन बीज की बिक्री नहीं हो पाई. तब फिर से अब उस धान के पैकेट को फाड़कर बोरों में पैक कर समर्थन मूल्य में बेचने की कोशिश की जा रही थी.