महाकुंभ में गंगा स्नान के लिए देश विदेश से श्रद्धालु प्रयागराज पहुंच रहे हैं. मकर संक्रांति के दिन करीब साढ़े तीन करोड़ लोगों ने गंगा में पवित्र डुबकी लगाई.
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने विस्तार न्यूज़ से बातचीत करते हुए कहा कि महाकुंभ एक धार्मिक आयोजन है. इसमें किसी भी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए.
Maha Kumbh 2025: महाकुंभ में पहुंचे बाबा ने बताया कि वह 25 सालों से तपस्या कर रहे हैं और यही उनका जीवन बन गया है.
14 जनवरी को सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाएगा, जो नए साल और नई शुरुआत का प्रतीक है.
महाकुंभ का पहला अमृत स्नान जारी है. हर-हर महादेव का उद्घोष करते हुए नागा साधु-संत संगम पहुंच रहे हैं.
प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ के पहले अमृत स्नान में अलग अलग अखाड़ों के नागा साधुओं ने संगम में पवित्र डुबकी लगाई.
प्रयागराज में उत्सव का माहौल है. संगम तट पर सनातनियों का जमावड़ा लगा है. लाखों की संख्या में आज लोग महाकुंभ पहुंचे हैं.
दिग्विजय सिंह ने कहा मुझे न पंडित लिखने में ऐतराज न मौलाना लिखने में ऐतराज, न संत महात्मा न फादर लिखने में एतराज है.
सरस्वती नदी के बारे में कहा जाता है कि यह भूमिगत रूप से बहती है और प्रयागराज में त्रिवेणी के पास निकलती है.
मध्य प्रदेश के के सभी धार्मिक शहर जैसे उज्जैन, अमरकंटक, खंडवा, चित्रकूट आदि शहरों में शराब की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगने वाली है.