CG News: कोंडागांव जिला प्रशासन ने केशकाल घाटी मार्ग को 10 नवंबर से 25 नवंबर तक 15 दिनों के लिए बंद करने का निर्णय लिया है. इस अवधि में घाटी के 6 प्रमुख मोड़ों का नवीनीकरण कार्य किया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत 19 करोड़ 61 लाख रुपये है.
Chhattisgarh: कोंडागांव जिले में बस्तर फाइटर के जवान ने शनिवार की रात आत्महत्या कर ली. जवान ने अज्ञात कारणों के चलते अपनी पिस्टल से खुद को गोली मार ली. SP वाय अक्षय कुमार ने इसकी पुष्टि की है.
CG News: भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती ’जनजातीय गौरव दिवस’ के अवसर पर 15 नवंबर को राजधानी रायपुर में जनजातीय गौरव दिवस पर राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जमुई बिहार से वर्चुअल रूप से जुड़कर इस समारोह का शुभारंभ करेंगे
CG News: छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में एक ऐसा गांव है, जहां राजा माड़ा और 7 भालुओं के बीच अनोखी मित्रता देखने को मिलती है.
MP News: स्काई हाईट कंपनी के को-फाउंडर दिग्विजय सिंह ने बताया कि प्रतिदिन 12 से 15 जंप करवाई जा रही हैं. अब तक 100 से अधिक लोगों ने जंप के लिए बुकिंग करवाई है. एक जंप की लागत 30 हजार रुपये (प्लस टैक्स) है, जिसमें एक वीडियो और 75 फोटो भी शामिल होंगे
Chhattisgarh: 7 नवंबर 2024 को छत्तीसगढ़ की राजनीति की एक ऐसी हस्ती इस दुनिया को अलविदा कह गई, जिसकी सादगी के चर्चे दूर-दूर तक थे. RSS के वरिष्ठ कार्यकर्ता, BJP के सीनियर लीडर और पूर्व राज्यसभा सांसद गोपाल व्यास का निधन हो गया. उनके जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंगों पर प्रकाश डाल रहे हैं, पंडित गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास के अध्यक्ष डॉ. राकेश मिश्रा.
MP News: हर साल बाबा ओंकारेश्वर जनता का हाल-चाल जानने के लिए भ्रमण पर निकलते हैं. मालवा-निमाड़ में 15 दिनों तक जनता के बीच रहते हैं. 15 दिनों के बाद अपने स्थान पर बाबा वापस लौटते हैं
MP News: डेंगू का प्रकोप निरंतर बढ़ता जा रहा है. अस्पताल में हर दिन 10 से 15 नए डेंगू मरीज पहुंच रहे हैं. जिसमें अधिकांश को प्लेटलेट्स की कमी के कारण भर्ती किया जा रहा है
CG News: राजनांदगाव जिले के सीमेंट व्यापारी के 52 वर्षीय मुनीम झुमर सिंह ने 25 अक्टूबर को रिपोर्ट दर्ज करावाया कि वह दिनांक 25 तारीख को सीमेंट व वासिंग पाउडर की बिक्री का पैसा वसुली करने गया था.
CG News: देशभर समेत छत्तीसगढ़ में भी छठ महापर्व धूमधाम से मनाया गया. छठ पर्व के चौथे और समापन के दिन व्रतियां सूर्योदय होने से पहले ही घाट और तालाबों में एकत्र हुई. सभी ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार की खुशहाली और समृद्धि की कामना की.