Delhi: मलावर, 41 वर्षीय राजेश भाई खिमजी सकरिया, गुजरात के राजकोट का निवासी है. उसने न केवल सीएम पर हमला किया, बल्कि अपनी कहानी से जांच एजेंसियों को चौंका दिया है.
Supreme Court: इस बहस में केंद्र सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अपना पक्ष रखा. उनका कहना है कि राज्यपाल सिर्फ एक 'डाकिया' नहीं होते, जिनका काम सिर्फ बिल पर दस्तखत करना हो. संविधान के अनुच्छेद 200 के तहत उन्हें कुछ खास अधिकार दिए गए हैं. मेहता के मुताबिक, राज्यपाल के पास चार रास्ते होते हैं.
Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- गड्डों और जाम से भरे हाईवे पर टोल वसूली अन्याय है, नागरिकों को मजबूर नहीं किया जा सकता. NHAI के नियमों के मुताबिक लंबा इंतजार, 100 मीटर से ज्यादा लाइन या पास में घर होने पर टोल से छूट मिलती है.
Jammu and Kashmir: मायके वालों ने शालू के अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट जाने की बजाय एक ऐसा फैसला लिया जिसने पूरे गांव को सकते में डाल दिया. उन्होंने शालू की शादी में दिए गए सारे दहेज़ के सामान को आंगन में इकट्ठा किया और उसी पर शालू की लाश रखकर आग लगा दी.
Mankirat Aulakh: धमकी वाले मैसेज में यह भी कहा गया कि यह कोई मजाक नहीं है और सिंगर को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. मनकीरत औलख ने इस मामले में मोहाली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.
Delhi CM Rekha Gupta: जांच में पता चला है कि हमलावर ने हमले से पहले मुख्यमंत्री आवास की रेकी की थी और सुनियोजित तरीके से इस घटना को अंजाम दिया.
Indian Coast Guard: बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. दोनों देशों ने समुद्री खोज और बचाव (SAR), समुद्री कानून प्रवर्तन (MLE), समुद्री प्रदूषण से निपटने (MPR) और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया.
विपिन कोई आम चोर नहीं, बल्कि 'ईमानदार चोर' हैं. उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के IGRS (Integrated Grievance Redressal System) पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज की और ऊर्जा विभाग से बाकायदा बिजली चोरी की अनुमति मांग ली. और तो और, उन्होंने ये भी ऑफर दिया कि वो इसके बदले हर महीने 200 रुपये सरकार को देंगे.
Parliament Monsoon Session: हंगामा तब और बढ़ गया जब कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने अमित शाह के पुराने केस का जिक्र छेड़ दिया. बस, फिर क्या था? अमित शाह का पारा सातवें आसमान पर.
NCERT Module: पहलगाम हमले के बाद पूरे भारत में एकता की एक लहर दौड़ पड़ी. हैदराबाद से लेकर लखनऊ और भोपाल तक, मुस्लिम समुदाय ने काले पट्टियां बांधकर हमले की निंदा की. कश्मीर के लोगों ने भी आतंकवाद के खिलाफ आवाज़ उठाई और सेना का साथ दिया. यह एक ऐसा पल था जब पूरा देश, बिना किसी भेदभाव के आतंकवाद के खिलाफ खड़ा हो गया.