कुछ अनुमानों में 60 लोगों के लापता होने और 10-12 मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई गई है. धराली बाजार पूरी तरह तबाह हो गया, और गंगोत्री धाम का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया.
इस MoU का एक खास हिस्सा है छोटे उद्यमियों और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना. IRMRI का इनक्यूबेशन सेंटर 'ARISE' स्टार्टअप्स और MSMEs को मौका देगा कि वे रबर प्रोडक्ट्स के लिए नए आइडियाज़ लाएं. तटरक्षक बल अपनी ज़रूरतें IRMRI को बताएगा, और IRMRI भारतीय कंपनियों के साथ मिलकर स्वदेशी समाधान निकालेगा.
उत्तरकाशी के धराली गांव में बादल फटने से नाला उफान पर आया, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए और कई घर तबाह हो गए. आशंका है कि मलबे में कई लोग दबे हो सकते हैं, जिसके बाद जिला प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है. सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि SDRF, NDRF और अन्य टीमें युद्ध स्तर पर कार्य कर रही हैं. प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है.
बादल फटने की वजह से खीर गंगा नदी उफान पर आ गया. तेज रफ्तार से पानी और मलबा पहाड़ों से नीचे की ओर बहा, जिसमें बड़े-बड़े पत्थर और मिट्टी का सैलाब गांव में घुस गया. धराली का बाजार, जो कभी पर्यटकों की चहल-पहल से गुलजार रहता था, देखते ही देखते मलबे के ढेर में तब्दील हो गया.
लंबी बीमारी के बाद 79 वर्षीय सत्यपाल मलिक ने दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में अंतिम सांस ली.
जब यह विवाद बढ़ा, तो प्रेमानंद महाराज ने इसका जवाब भी अपनी अगली कथा में दे दिया. उन्होंने आलोचकों पर निशाना साधते हुए कहा, "जो लोग गंदे आचरण करते हैं, उन्हें सही बात बुरी लगती है. जैसे नाली का कीड़ा नाली में ही खुश रहता है. अगर उसे अमृत कुंड में डाल दो, तो वह बेचैन हो जाएगा. "
चिराग पासवान और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के बीच हुई तारीफों के आदान-प्रदान ने भी अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है. दोनों ही नीतीश सरकार के आलोचक हैं. हालांकि, चिराग ने साफ कर दिया है कि उनकी पहली प्राथमिकता NDA है, लेकिन इन मुलाकातों से भविष्य में किसी नए गठबंधन की संभावना को नकारा नहीं जा सकता.
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक 20 साल के युवक के अकाउंट में 36 डिजिट में रकम ट्रांसफर हुई. जब उसने SMS देखा तो नंबर भी नहीं गिन पाया और उसके होश उड़ गए. उसके अकाउंट को फ्रीज कर दिया गया है. जानें पूरा मामला-
राम रहीम को बार-बार मिल रही पैरोल पर कई सवाल उठ रहे हैं. विपक्ष और कई सामाजिक संगठन सरकार पर यह आरोप लगाते हैं कि राम रहीम को चुनावी फायदे के लिए बार-बार रिहा किया जा रहा है.
हर साल अगस्त में यहां सुरक्षा इतनी सख्त होती है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता. कई स्तरों की चेकिंग, ड्रिल्स, और हाई-टेक निगरानी होती है. लेकिन इस बार, एक और घटना ने सबको चौंका दिया.