Monsoon Alert: भारी बारिश और बादल फटने के कारण हिमाचल के मंडी, चंबा, कांगड़ा और सिरमौर जैसे जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं.
PM Modi in BRICS Summit: 17वें BRICS समिट में आतंकवाद के खिलाफ भारत का स्पष्ट और कड़ा रुख प्रधानमंत्री मोदी ने सामने रखा.
छवही तकी गांव के लोग ताजिया जुलूस निकाल रहे थे, तभी सिकमी गांव के लोग भी जुलूस लेकर आ गए. दोनों जुलूस को एक साथ मिलना था, लेकिन तभी दोनों गांव के लोगों में किसी बात को लेकर बहस हो गई. विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई
यह देखना दिलचस्प होगा कि NDA के भीतर इस बयान का क्या असर होता है. क्या चिराग का यह कदम गठबंधन में कोई नई खटास पैदा करेगा या फिर यह सिर्फ चुनाव से पहले अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने का एक तरीका है, जिस पर आगे चलकर कोई नई रणनीति बन सकती है?
हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में दिल्ली-देहरादून कांवर मार्ग पर स्थित 'पंडित जी वैष्णो ढाबा' का मामला काफी सुर्खियों में रहा था. विवाद बढ़ने के बाद ढाबा बंद कर दिया गया और पुलिस ने इस मामले में 5 लोगों के खिलाफ FIR भी दर्ज की है.
सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस को मिलाकर 33 जज हैं. लेकिन इनमें से 4 जजों को अभी तक सरकारी बंगला नहीं मिला है. सुप्रीम कोर्ट एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से केंद्र को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि देश के पूर्व मुख्य न्यायधीश चंद्रचूड़ तय समय से ज्यादा दिन बंगले में रह रहे हैं.
भारी बारिश, बादल फटने और लैंडस्लाइड की घटनाओं ने राज्य में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जहां 14 लोगों की मौत और 31 लोग लापता हैं.
चौंकाने वाली बात ये है कि सौरभ ने इस प्रताड़ना की शिकायत पुलिस से भी की थी, लेकिन परिवार का आरोप है कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. बताया जा रहा है कि शनिवार को सौरभ की इस मामले में कोर्ट में तारीख थी, और शायद इसी डर से उसने इतना बड़ा कदम उठा लिया.
इमरान कई सालों से गर्मी के मौसम में दिल्ली आकर AC ठीक करने का काम करते थे. वह बरेली से अपने साथ इन लड़कों को भी काम सिखाने और मदद के लिए लाते थे. गर्मी का सीजन खत्म होते ही सब वापस बरेली लौट जाते थे. लेकिन इस बार, ये युवा दिल्ली तो आए, पर अपनी दुनिया से ही रुखसत हो गए.
कुछ लोगों को डर है कि मस्क की यह नई पार्टी चुनावों में वोटों को बांट सकती है, जिससे परिणाम अप्रत्याशित हो सकते हैं. कुछ विश्लेषकों को 1992 के राष्ट्रपति चुनाव की याद आ रही है, जब रॉस पेरोट नाम के एक स्वतंत्र उम्मीदवार ने वोटों को बांटा था. ट्रंप से मस्क की दुश्मनी इस हद तक बढ़ गई है कि ट्रंप ने मस्क को देश से निकालने और उनकी कंपनियों को सरकारी फंड बंद करने की धमकी भी दी है.