चिराग पासवान ने ऐलान करते हुए कहा, ' हमारी पार्टी विधानसभा चुनाव में अकेले लड़ेगी. लेकिन हम किसी भी तरह से NDA से अलग नहीं है, बल्कि हमारा लक्ष्य गठबंधन को और अधिक मजबूती देना है.'
राजा रघुवंशी की हत्या दाव नाम के हथियार से की गई थी. जिस इलाके से डेड बॉडी को फेंका गया वो भारत के सबसे खूबसूरत इलाकों में से एक माना जाता है. अनुमान है कि हत्या के बाद शव को ऊंचाई से करीब 2 हजार फीट नीचे फेंक दिया गया.
कोविड के दौरान 2020 में भी आंदोलन हुआ, जो शांतिपूर्ण रहा. 2022 में आंदोलन के सबसे बड़े चेहरा, कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला दुनिया से चले गए. उनकी विरासत अब उनके बेटे विजय बैंसला संभाल रहे हैं. अब 5 साल बाद एक बार फिर आरक्षण के मुद्दे पर गुर्जर समुदाय की महापंचायत होने वाली है.
ANI ने सूत्रों के हवाले से जानकारी देते बताया है कि जब जस्टिव वर्मा ने इस्तीफा देने से मना कर दिया तो पूर्व CJI ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर जस्टिस वर्मा को हटाने की सिफारिश की थी.
देशभर में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. भारत में एक्टिव केसों की संख्या 6133 पहुंच गई है. वहीं पिछले 9 दिनों में कोरोना से 58 मरीजों की मौत हो चुकी है. देश में औसत कोरोना से हर दिन 5-6 लोगों की मौत हो रही है.
आज भारतीय महिलाएं विज्ञान, शिक्षा, खेल, स्टार्टअप और यहां तक कि सशस्त्र बलों जैसे हर क्षेत्र में अपनी काबिलियत का लोहा मनवा रही हैं. वे न सिर्फ खुद आगे बढ़ रही हैं, बल्कि लाखों अन्य महिलाओं को भी प्रेरित कर रही हैं कि सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करें.
पिता ने हिम्मत जुटाकर उस बंद मकान का दरवाजा खटखटाया, फिर ताला तोड़कर अंदर दाखिल हुए. अंधेरे कमरे में एक पुराना, धूल भरा सूटकेस पड़ा था, जो थोड़ा खुला हुआ था. जैसे ही उन्होंने उसे खोलकर देखा, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई.
मनीष कश्यप ने कहा, 'मुझे नए प्लेटफॉर्म की तलाश रहेगी. हालांकि नई पार्टी बनाने की स्थिति में नहीं हूं. आप लोग बताइए, मुझे कहां से चुनाव लड़ना चाहिए. ये भी बताइए कि किस पार्टी से चुनाव लड़ूं या फिर अकेले लड़ूं.'
शुक्रवार-शनिवार रात बिजली ना आने के कारण राज दूसरी मंजिल पर स्थित कमरे में सोने चला गया. इस दौरान रात करीब 2 बजे बालकनी से गुटखा थूकने के लिए उठा लेकिन बैलेंस बिगड़ने से राज नीचे गिर गया.
यहीं पर आती है भारत की बढ़ती 'धाक' की बात. G-7 की मेजबानी करने वाला देश अपनी मर्जी से कुछ अन्य देशों को आमंत्रित करता है जो समूह का हिस्सा नहीं होते. 2019 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर साल बतौर मेहमान G-7 देशों की बैठक में हिस्सा लेते आए हैं.