Waqf Amendment Bill: विपक्ष की भूमिका को निभाते हुए मनोज झा ने सरकार पर आरोप लगाया कि केंद्र मुसलमानों को हास्य पर धकेल रही है. सरकार देश का माहौल खराब कर रही है.
नड्डा ने कहा कि कुछ लोग इस बिल पर गुमराह कर रहे हैं. बिल पर चर्चा के दौरान किसी को बिहार का चुनाव दिख रहा है तो किसी को केरल का सिनेमा दिख रहा है.
Waqf Amendment Bill: आप से राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा के मुंह से मुसलमानों की भलाई की बात कॉमेडी जैसी लगती है. इसके साथ ही उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि आप वक्फ की प्रॉपर्टी अपने दोस्तों में बांटना चाहते हैं.
Rahul Gandhi vs Anurag Thakur: एक तरफ जहां राज्यसभा में बिल पर चर्चा के दौरान हंगामा जारी है तो वहीं दूसरी ओर लोकसभा में भी हंगामा चल रहा है. यहां राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने सरकार को घेरने की कोशिश की. जिसके जवाब में अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) ने कांग्रेस पर हमला बोला.
शरद सिंह का जन्म लड़की के रूप में हुआ था, लेकिन बचपन से ही शरद के अंदर एक पुरुष था. फिर शरद ने लड़का लेने का फैसला लिया और सर्जरी कराई. अब शरद की पत्नी ने एक बेटे को जन्म दिया है. घर में खुशी का माहौल है.
वक्फ बोर्ड की नजर सिर्फ स्मारकों पर ही नहीं, बल्कि आदिवासी इलाकों की जमीन पर भी थी. मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में वक्फ ने वहां की जमीनों को अपनी संपत्ति बताना शुरू कर दिया था. जबलपुर और छिंदवाड़ा जैसे इलाकों में तो स्थानीय आदिवासी भड़क उठे और आंदोलन तक शुरू हो गए.
शहर के प्रमुख स्थानों पर लगे इन बैनरों में कब्र तक की दूरी साफ-साफ बताई गई है. मिसाल के तौर पर, क्रांतिचौक से 27 किमी, जिला न्यायालय से 26 किमी, बाबा पेट्रोल पंप से 25 किमी, होली क्रॉस स्कूल से 24 किमी, और शरनापुर से 14 किमी. मनसे का मकसद है कि लोग यह जानें कि मराठा इतिहास का एक क्रूर शासक यहीं दफन है.
राज्यसभा में बोलते हुए खड़गे ने कहा कि वो टूट जाएंगे लेकिन झुकेंगे नहीं. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अनुराग ठाकुर के आरोपों ने उनकी भावनाओं को आहत किया है
सुवेंदु ने ममता पर तंज कसते हुए कहा, “पिछले साल 2023 में आपके ‘शांति के लड़ाकों’ ने राम नवमी के जुलूसों पर हमले किए थे. अब हिंदू समाज ने ठान लिया है कि इस बार सड़कों पर उतरकर जय श्री राम के नारे लगाएंगे. हर गाड़ी पर भगवा झंडा लहराएगा.”
क्फ बिल की बहस ने एक नया रिकॉर्ड बनाया. पुराने रिकॉर्ड्स में एक दिन में 14 घंटे से ज्यादा की बहस का जिक्र नहीं मिलता. GST और लोकपाल जैसे सत्र 12-13 घंटे तक चले, लेकिन वक्फ बिल ने उस सीमा को पार कर दिया. हालांकि, प्राचीन डेटा की कमी के कारण इसे 100% निश्चित कहना मुश्किल है. फिर भी, आधुनिक समय में ये निश्चित रूप से सबसे लंबी एकल सत्र बहसों में से एक है.