ठाकुर ने दावा किया कि इस विधेयक को व्यापक समर्थन मिल रहा है. कैथोलिक बिशप कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया, केरल काउंसिल ऑफ चर्चेस, ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच जैसे संगठनों ने इसका स्वागत किया है.
भारत सरकार के मुताबिक, कई इस्लामिक देश ऐसे हैं जहां वक्फ की कोई व्यवस्था नहीं है. इनमें तुर्किये, लीबिया, इजिप्ट, सूडान, लेबनान, सीरिया, जॉर्डन, ट्यूनीशिया और इराक शामिल हैं. यानी इन देशों में न तो वक्फ बोर्ड है और न ही ऐसी संपत्तियों को मैनेज करने का कोई खास सिस्टम.
ललन सिंह ने कहा कि कुछ लोग इसे मुस्लिमों के खिलाफ बताकर देश का माहौल खराब कर रहे हैं. वक्फ कोई धार्मिक संस्था नहीं, बल्कि एक प्रशासनिक ट्रस्ट है जो मुस्लिम समुदाय के हितों के लिए काम करता है. लेकिन अभी तक वक्फ बोर्ड में पसमांदा मुस्लिमों और महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला है.
उत्तर प्रदेश में वक्फ संशोधन बिल को लेकर सबसे ज्यादा सतर्कता बरती जा रही है. योगी सरकार ने राज्य के सभी जिलों में पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा है. खास तौर पर लखनऊ, बरेली, संभल, मुरादाबाद और अलीगढ़ जैसे संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है.
Meerut Muskan-Sahil Case: मेरठ के सौरभ मर्डर केस में आरोपी साहिल और मुस्कान जेल में बंद हैं. 14 दिन बाद अपने प्रेमी साहिल को देखकर मुस्कान भावुक हो गई और उसके आंसू छलक आए.
Waqf Amendment Bill: अखिलेश यादव को बिल पर अपना पॉइंट रखने का मौका मिला तो उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष पर चुटकी ली. जिसका करारा जवाब अमित शाह ने सदन में ही दिया. बिल पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कन्नोज से सांसद अखिलेश यादव ने कहा- 'खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी कहने वाली बीजेपी अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं चुन पा रही है.'
Waqf Amendment Bill: 58 मिनट तक किरेन रिजिजू के बोलने के बाद Waqf Bill पर बोलने के लिए विपक्ष की ओर से गोगोई ने बोलना शुरू किया. उन्होंने कहा- 'साल 2013 में यूपीए सरकार के विषय में जो भी कहा गया वह गलत था. वह पूरा का पूरा मिसलीड है, झूठ है.'
किरेन रिजिजू ने कहा कि इस बिल को लाने से पहले सभी पक्षों की राय ली गई है. उन्होंने कहा कि देश भर से 97 लाख से ज्यादा सुझावों को सुना गया. 25 राज्यों के वक्फ बोर्ड ने भी सुझाव दिए और उन पर भी विचार किया गया. 1954 में पहली बार आजाद भारत में वक्फ बोर्ड ऐक्ट आया था.
बिहार में यादव, EBC (अति पिछड़ा वर्ग), और ऊंची जातियों के वोटर नीतीश का मजबूत आधार हैं. वक्फ बिल के बहाने अगर हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण हुआ, तो बीजेपी और JDU मिलकर इन वोटों को अपने पाले में कर सकते हैं. विधानसभा चुनाव के दौरान नीतीश इसे 'प्रशासनिक सुधार' का नाम दे सकते हैं.
AIMPLB: ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल के पेश होने के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है. AIMPLB ने चेतावनी दी है कि अगर वक्फ बिल संसद में पारित हुआ तो देशव्यापी आंदोलन करेंगे.