पंबन ब्रिज की सबसे अनोखी बात यह है कि यह बीच से ऊपर उठ सकता है. इसे वर्टिकल लिफ्ट ब्रिज कहते हैं. इसका मतलब है कि जब समुद्र से बड़े जहाज गुजरते हैं, तो पुल का मध्य हिस्सा 17 मीटर तक ऊपर उठ जाता है. इससे जहाज आसानी से निकल जाते हैं.
45 साल में बीजेपी ने शून्य से शिखर तक का सफर तय किया. उसकी सोशल इंजीनियरिंग ने हर तबके को जोड़ा, संगठन ने जमीनी ताकत दी, हिंदुत्व और राष्ट्रवाद ने भावनाएं जगाईं, गठबंधन ने उसे विस्तार दिया और विपक्ष की कमजोरी ने उसकी राह आसान की.
अयोध्या में राम मंदिर का सूर्य तिलक हो या देशभर की शोभा यात्राएं, सबकी जानकारी यहां मिलेगी. पीएम मोदी आज तमिलनाडु में नई योजनाएं शुरू करेंगे, अमित शाह जम्मू-कश्मीर जा रहे हैं, और शाम को आईपीएल में हैदराबाद-गुजरात का मुकाबला है.
अयोध्या में रामनवमी के मौके पर भव्य समारोह का आयोजन होने जा रहा है, जिसको लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी किए गए हैं.
वक्फ संशोधन बिल को लेकर विपक्ष और मुस्लिम संगठन केंद्र सरकार पर हमलावर हैं. बिहार में JDU के कई मुस्लिम नेताओं ने बिल का खुलकर विरोध किया था, कुछ ने तो इस्तीफे की धमकी भी दी. पार्टी हाईकमान ने सोचा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस से सब ठीक हो जाएगा, लेकिन उल्टा नुकसान हो गया.
हमले का तरीका देखकर लगता है कि बदमाशों ने पूरी प्लानिंग के साथ वारदात को अंजाम दिया. पहले आग लगाकर कार को तबाह करने की कोशिश, फिर गोलियों की बौछार—ये सब एक सोची-समझी साजिश की ओर इशारा करता है.
Waqf Amendment Bill: शाहनवाज हुसैन ने दावा किया है कि जब से उन्होंने वक्फ बिल का समर्थन किया है, तब से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं.
हरियाणा सरकार ने कुंवारे लोगों के लिए पेंशन की स्कीम शुरू की थी. राजू ने सोचा, "चलो, कुछ मदद मिलेगी." लेकिन, उसे बताया गया कि वो तो शादीशुदा है, पेंशन नहीं मिल सकती. ऊपर से उसका बीपीएल राशन भी कोई और ले जा रहा है.
कांग्रेस के लिए भी यह महीना बेहद अहम है. पार्टी का 86वां पूर्ण अधिवेशन 8 और 9 अप्रैल को गुजरात के अहमदाबाद में होने जा रहा है. पिछले कुछ सालों में कांग्रेस को सत्ता में कोई खास सफलता नहीं मिली है, लेकिन लोकसभा चुनाव 2024 के बाद कांग्रेस ने अपनी रणनीतियों पर फिर से काम करना शुरू किया है.
1984 में बीजेपी ने पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा. अटल जी जैसे करिश्माई नेता थे, लेकिन उस वक्त देश इंदिरा गांधी की हत्या के गम में डूबा था. सहानुभूति की लहर में कांग्रेस ने 414 सीटें जीत लीं. बीजेपी का स्कोर? सिर्फ 2 सीटें. लोग हंसने लगे,"यह पार्टी तो खत्म हो गई."