योगी कैबिनेट ने बैठक में सबसे पहले संगमनगरी के लिए कई अहम फैसले लिए. इसमें यमुना नदी पर एक नए पुल निर्माण कराने की चर्चा पर मुहर लगा दी गई है.
Video: सबक सीखने का पुलिस का ये वीडियो ट्रैफिक नियमों का पालन न करने को लेकर है. जिसमे ट्रैफिक पुलिस बस ड्रीवरों को सड़क पर गाडी चलाने को लेकर सीख देती दिख रही है.ट्रैफिक रूल में सड़क पर कब और कितना हॉर्न बजाना है इसके नियम भी मेंशन किए गए हैं.
Maha Kumbh 2025: कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अजय माकन ने आप और अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाया है. अजय माकन ने आरोप लगते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- 'आज मैं सबके सामने 'AAP के पाप' की पहली कड़ी रखना चाहता हूं.'
Maha Kumbh 2025: महाकुंभ में इस्कॉन के शिविर में गौतम अडानी ने शामिल होकर उन्होंने श्रधालुओं को खाना खिलाया. अपनी महाकुंभ इस यात्रा के दौरान गौतम अडानी ने अपने बेटे जीत की शादी की बात भी की.
16 जनवरी की रात सैफ अली खान के मुंबई स्थित घर में एक व्यक्ति घुस आया और चोरी करने की कोशिश करते हुए सैफ पर चाकू से हमला कर दिया. हमलावर ने सैफ को कई बार चाकू मारा, जिससे एक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए. इस हमले के बाद पुलिस जांच में यह सामने आया कि हमलावर एक बांग्लादेशी नागरिक है.
सच्चाई ये है कि नक्सलवाद के खात्मे में समय नहीं लगेगा. कुछ इलाकों में नक्सलियों का प्रभाव अब भी गहरे तक फैला हुआ है, लेकिन केंद्र सरकार और सुरक्षा बलों ने पूरी ताकत झोंक दी है. निगरानी तंत्र को मजबूत किया गया है, और सेना के ऑपरेशन भी तेज़ हुए हैं.
LIVE: केजरीवाल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा- 'BJP द्वारा जारी किए गए दो संकल्प पत्रों में भाजपा ने कबूल किया है और सीधे एलान कर दिया है कि वे दिल्ली के मोहल्ला क्लिनिक बंद कर देंगे और दिल्ली के सरकारी स्कूलों में मिलने वाली फ्री शिक्षा बंद कर देंगे.'
Weather Update: पूरे राज्य में मौसम शुष्क रहेगा. रात और सुबह के समय मध्यम कोहरा रहने की संभावना है. प्रदेश में तेज सतही हवाएं 20-30 किमी की गति से चलने की उम्मीद है
Maha Kumbh 2025: महाकुंभ में भजन-कीर्तन कर रहे साधुओं के एक जत्थे की खूब चर्चा हो रही है. यह जत्था काफी अनोखा है और इन साधुओं को जंगम साधु कहा जाता है. ये साधु कभी भी हाथ में भिक्षा नहीं लेते हैं. जानें जंगम साधुओं की कहानी.
दिल्ली की सड़कों पर रोज़ाना लाखों ऑटो ड्राइवर्स, सिर्फ सवारी नहीं ढोते, बल्कि राजनीतिक दिशा भी तय करते हैं. ये ड्राइवर्स न सिर्फ सवारी से चुनावी मुद्दों पर गपशप करते हैं, बल्कि उनके द्वारा जुटाया गया फीडबैक सीधे नेताओं तक पहुंचता है. अगर ये ऑटो ड्राइवर्स किसी पार्टी का समर्थन कर दें, तो उस पार्टी की जीत की रफ्तार तेज हो जाती है.