पंकज सिंह को मंत्रिपद देना एक बड़ी चुनावी रणनीति का हिस्सा है. पूर्वांचली वोट बैंक को साधने के लिए बीजेपी ने पंकज कुमार सिंह जैसे स्थानीय और समर्पित नेताओं को प्राथमिकता दी है.
रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली का यह नया मंत्रिमंडल अपने अनुभव, शिक्षा और राजनीति में कार्य करने की मजबूत क्षमता के कारण दिल्ली के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए तैयार है.
यूपी सरकार ने 10 प्रमुख सेक्टरों को चिन्हित किया है, जिन पर काम करके राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा. इनमें कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा, IT, ऊर्जा, नगर विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं. यानी, अगर आप किसान हैं तो कृषि से संबंधित योजनाओं का लाभ मिलेगा, अगर आप उद्योगपति हैं तो निवेश के नए मौके मिलेंगे.
रेखा गुप्ता के सामने दूसरा बड़ा वादा आयुष्मान भारत योजना को लागू करने का होगा. 2018 में शुरू हुई इस योजना को दिल्ली में लागू नहीं किया गया था, लेकिन अब रेखा गुप्ता की सरकार इस योजना को लागू करने का वादा करेगी.
Delhi CM: दिल्ली बीजेपी के इस भव्य कार्यक्रम में 50 हजार लोगों के शामिल होने का अनुमान है. देशभर के एनडीए नेता दिल्ली की ओर रवाना हो चुके हैं. वहीं, इस शपथ ग्रहण समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा शामिल नहीं होंगे.
LIVE: रेखा गुप्ता ने दिल्ली के CM पद की शपथ ली. रेखा गुप्ता के बाद 6 मंत्रियों ने भी शपथ ली. रेखा दिल्ली की चौथी महिला सीएम बनी हैं. वहीं, इसके साथ ही वह वर्तमान में NDA वाले राज्यों की इकलौती महिला मुख्यमंत्री बन जाएंगी.
दिल्ली के सीएम के लिए चुने गए उम्मीदवार को एक रोडमैप तैयार करने का निर्देश भी दिया गया था, जिसमें 90 दिन की योजना बनाई गई थी. बीजेपी ने अपने संभावित मुख्यमंत्री और मंत्रियों से यह पूछा कि यदि उन्हें यह जिम्मेदारी दी जाती है, तो वे पहले 15 दिनों में क्या करेंगे?
दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जबरदस्त प्रदर्शन किया और 27 सालों के बाद राष्ट्रीय राजधानी में सरकार बनाने जा रही है.
गोविंद और उसके परिवार ने तत्काल गांववालों के साथ मिलकर दुल्हन और मौसी की खोज शुरू कर दी. थोड़ी ही देर बाद, मौसी नशे की हालत में गांव के बाहर पाई गई. पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस ने मौसी को पकड़ लिया.
मंगलवार को भी सीएम योगी ने विधानसभा में विपक्ष पर जमकर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि ये लोग हमेशा हर अच्छे कार्य का विरोध करते हैं, जो समाज और राज्य के हित में हो.