विशेषज्ञों का कहना है कि विपक्ष भी कहीं न कहीं इस विदेशी साजिश का हिस्सा बन सकता है. संसद में हंगामा मचाकर विपक्षी दल जनहित के मुद्दों को रोकने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे भारत की प्रगति रुक रही है.
योगी आदित्यनाथ ने चेतावनी दी कि जिन्होंने समाज को बांटने की योजना बनाई है, वे एक दिन कट जाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि यह लोग विदेशों में संपत्ति खरीद कर रखते हैं और संकट आने पर यहां से भाग जाएंगे, जबकि देश में संकट का सामना करने वाले आम लोग होंगे."
पात्रा ने कहा, ''त्रिकोण के आखिरी कोने में राहुल गांधी हैं, 'उच्च दर्जे का गद्दार' मैं ये शब्द कहने से नहीं डरता. मुझे लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष को गद्दार कहने में कोई झिझक नहीं है.''
Vaishno Devi Temple: अब से वैष्णो देवी के आस-पास के दुकानों में शराब और मांसाहारी भोजन पर लगा प्रतिबंध लगा दिया गया है. यह प्रतिबंध अगले 2 महीने तक लगा रहेगा.
अगर हम इस सारी स्थिति को देखें, तो एक बात साफ है – आम आदमी की चिंता बढ़ती जा रही हैं. महंगाई, ब्याज दरों और मंदी के बीच वह कभी न खत्म होने वाले इंतजार में हैं कि आखिर कब उन्हें राहत मिलेगी.
यह ऑपरेशन ना सिर्फ एक संयुक्त बचाव मिशन था, बल्कि यह एक शानदार उदाहरण भी था कि जब दो देश एक साथ काम करते हैं तो किसी भी संकट का हल निकाला जा सकता है.
सामना में आगे लिखा है, "शिंदे ने बैठक के दौरान अपने पुराने वादे को याद दिलाया, जिसमें कहा गया था कि अगर महायुति को बहुमत मिलता है तो वह खुद मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे. शिंदे का तर्क था कि उनके नेतृत्व में ही पार्टी ने बहुमत हासिल किया है, इसलिए उन्हें मुख्यमंत्री बनाए रखा जाए."
देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र के सीएम पद की शपथ ली. एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली.
बीफ बैन के फैसले के बाद असम के मंत्री पीयूष हजारिका ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया.
अखिलेश यादव और अन्य नेताओं के लिए सीट आवंटन में यह बदलाव एक कड़ा संदेश देता है कि कांग्रेस अपनी सत्ता की भूख में अपने सहयोगियों को नजरअंदाज कर सकती है. ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या कांग्रेस की इस "महारानी" मानसिकता के चलते अन्य दलों के बीच गठबंधन की गांठ ढीली तो नहीं हो जाएगी.