बिश्नोई गैंग ने सलमान खान के करीबियों को धमकी दिया था. इस पोस्ट के बाद से ही पुलिस अलर्ट मोड पर है. पुलिस की स्पेशल टीमें सलमान खान के करीबियों की जानकारी इकट्ठा करने में लगी हुई है.
इस बार चुनावी रणभूमि में बीजेपी के साथ शिवसेना (एकनाथ शिंदे) और एनसीपी (अजित पवार) का गठबंधन है. 2019 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 105 सीटें जीतकर राज्य में एक मजबूत स्थिति बनाई थी. इस बार भी पार्टी ने अपनी रणनीति को मजबूत करने के लिए सहयोगियों के साथ तालमेल बिठाने पर जोर दिया है.
यह ध्यान देने योग्य है कि कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने मिलकर जम्मू और कश्मीर विधानसभा चुनाव लड़ा था और दोनों दलों की संयुक्त जीत ने इसे और भी महत्वपूर्ण बना दिया है. हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने 6 सीटें जीती थीं.
शाह की मीटिंग से पहले आज की अखबारों में हरियाणा सरकार का विज्ञापन में मुख्यमंत्री के चेहरे का खुलासा कर दिया गया है. अखबार में हरियाणा सरकार के छपे विज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ नायब सैनी की तस्वीर है.
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में बीजेपी विधायक योगेश वर्मा को थप्पड़ मारने के मामले में वकील अवधेश सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है. मामला दर्ज होने से पहले बीते सोमवार को योगेश वर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में मुलाकात की थी.
Maharashtra: 2019 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद राज्य की राजनीति में बहुत कुछ बदल चुका है. 2019 में साथ मिलकर चुनाव लड़ीं भाजपा और शिवसेना को नतीजों में बहुमत मिला, लेकिन मुख्यमंत्री के मुद्दे पर दोनों दलों का गठबंधन टूट गया.
Election Commission: इन तारीखों के ऐलान के दौरान चुनाव आयुक्त ने EVM से जुड़े सवालों पर भी जवाब दिया. उन्होंने कहा कि हरियाणा चुनाव में ईवीएम को लेकर जो शिकायतें आई हैं उसका हम जवाब देंगे.
अब जैसे-जैसे चुनावों की तारीखें नजदीक आ रही हैं, यह देखना दिलचस्प होगा कि चुनाव आयोग और राजनीतिक दल इस पर कैसे प्रतिक्रिया देते हैं और क्या वे इस पर एक प्रभावी समाधान निकाल पाएंगे.
बीजेपी के इस चुनावी पहल ने अब सभी की नजरें इस बात पर लगा दी हैं कि आखिर कौन बनेगा पार्टी का नया अध्यक्ष. इस प्रक्रिया से न केवल पार्टी के आंतरिक संगठन में मजबूती आएगी, बल्कि यह आगामी चुनावों में बीजेपी की रणनीतियों को भी प्रभावित कर सकता है.
इस साल के लोकसभा चुनावों में राहुल गांधी ने वायनाड और उत्तर प्रदेश की रायबरेली दोनों सीटों पर चुनाव लड़ा था. उन्होंने दोनों सीटों पर जीत हासिल की थी, लेकिन वायनाड सीट को छोड़ने का निर्णय लिया और रायबरेली से सांसद बने रहने का फैसला किया.