पुलिस ने समर्थकों को महापंचायत की अनुमति नहीं दी. इसके बाद पुलिस और समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक हुई. पुलिस ने मंदिर के पास बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती कर बैरिकेडिंग लगाई थी. लेकिन नरसिंहानंद सरस्वती के समर्थकों मंदिर के अंदर जाने के लिए पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ने लगे थे.
Baba Siddique Murder Case: बाबा सिद्दीकी हत्याकांड पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "यह दुखद और गंभीर घटना है. बाबा सिद्दीकी से मेरी गहरी दोस्ती थी. इस तरह की घटना से हम सभी स्तब्ध हैं.
रविवार सुबह लक्सर-रुड़की रेलवे ट्रैक पर ढडेरा क्षेत्र में छावनी के पास गैस सिलेंडर पाया गया है. यह गैस सिलेंडर छानवी से तकरीबन 300 मीटर आगे मिला है. जिसे GRPF ने अपने कब्जे में लेकर ढडेरा स्टेशन मास्टर को सौंप दिया है.
गिरफ्तार शूटरों ने क्राइम ब्रांच को बताया कि उन्हें बाबा सिद्दीकी की हत्या करने के लिए ढाई से तीन लाख रुपये की सुपारी मिली थी. यह वारदात शनिवार रात करीब साढ़े नौ बजे हुई. शूटरों ने छह गोलियां चलाईं, जिनमें से दो गोली बाबा सिद्दीकी के सीने में लगीं.
इस पोस्ट में गैंग ने दावा किया है कि वे सलमान खान से कोई युद्ध नहीं चाहते थे, लेकिन बाबा की हत्या की वजह उनके दाऊद इब्राहीम और अनुज थापन के साथ जुड़ाव था.
बाबा सिद्दीकी से मिलने के बाद दोनों स्टार्स ने हाथ मिलाया और फिर एक-दूसरे के गले लग कर सालों की दुश्मनी को खत्म कर दिया. जैसे ही शाहरुख और सलमान गले मिले, पूरी पार्टी में मौजूद कैमरे उनकी तरफ घूम गए और सभी लोग खुशी से तालियां बजाने लगे.
इसी बीच, कमाल राशिद खान (केआरके) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक विवादित ट्वीट कर हलचल मचा दी. उन्होंने बिना बाबा सिद्दीकी का नाम लिए लिखा, "जैसी करनी, वैसी भरनी...
बाबा सिद्दीकी की इफ्तार पार्टी केवल सितारों की मौजूदगी के लिए ही मशहूर नहीं थी, बल्कि यहां कई पुरानी दुश्मनियां भी खत्म होती थीं. इसका सबसे बड़ा उदाहरण शाहरुख खान और सलमान खान हैं. दोनों के बीच लंबे समय से चली आ रही अनबन को बाबा की पार्टी ने ही सुलझाने में अहम भूमिका निभाई थी.
मुंबई के कूपर अस्पताल में NCP (अजित गुट) नेता और महाराष्ट्र सरकार के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी के शव का पोस्टमॉर्टम शुरू हो गया है। 5 डॉक्टर्स की टीम पोस्टमॉर्टम कर रही है।
Delhi News: दिल्ली की आतिशी सरकार द्वारा बनाई गई इस योजना के तहत सरकर ये टैक्स मैन्युअल तरीके से नहीं वसूलेगी, बल्कि फास्टैग का इस्तेमाल करेगी. इसके तहत आरएफआईडी रीडर और एनपीआर (नंबर प्लेट पहचान) कैमरों की मदद से ऐसा किया जाएगा.