MP winter market: जबलपुर का बड़ा फुहारा और गंजीपुरा मार्केट सस्ते और अच्छे कपड़ों के मार्केट के लिए जाना जाता है. गंजीपुरा मार्केट में कंबल किलो के भाव से मिलते हैं. क्वालिटी के हिसाब से 500 से लेकर 1500 रुपये किलो मिलते हैं.
MP GI Tag: मध्य प्रदेश के 20 से ज्यादा प्रोडक्ट हैं, जिन्हे जीआई (ज्योग्राफिकल इंडिकेशन) मिल चुका है. इनमें सजावटी सामान, खाद्यान्न, सिल्क और फल तक शामिल हैं
MP Most Expensive Rice: चिन्नौर किस्म को 'चिकनाई युक्त, नोंकदार और सुगंधित चावल' के रूप में जाना जाता है. चिन्नौर चावल खाने में बेहद स्वादिष्ट होता है और पकाने पर सुगंध भी आती है.
MP Unique City Names: खरगोन के बेड़िया में मिर्च की सबसे बड़ी मंडी है. ये मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी और देश की दूसरी सबसे बड़ी मिर्च मंडी है. यहां की निमाड़ी मिर्च पूरे विश्व में सप्लाई की जाती है.
Madhya Pradesh Tourism: भोपाल के श्यामला हिल्स पर स्थित जनजातीय संग्रहालय, जनजातीय कला और संस्कृति का खजाना है. यहां गोंड, कोरकू, बैगा, कोल आदि जनजातियों के जीवन की झलक देखने को मिलती है.
Gwalior Fort: मध्य प्रदेश का ये किला भारत का तीसरा सबसे बड़ा किला माना जाता है. इसकी शानदार वास्तुकला हर किसी का दिल जीत लेती है. इसकी ऊंची दीवारें, भव्य दरवाजे इसे एक ऐतिहासिक धरोहर बनाते हैं.
Unique Diwali Traditions: भारत में दीवाली का त्योहार अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है. कहीं हर्षोल्लास तो कहीं शोक तो कहीं हिंगोट जैसे खतरनाक खेल खेलकर मनाया जाता है. मध्य प्रदेश के इंदौर के गौतमपुरा में हिंगोट खेला जाता है. हिंगोट फल में बारूद भरा जाता है, इसे जलाकर दूसरे पक्ष पर फेंका जाता है.
Ladli Behna Yojana: सीएम मोहन यादव ने 12 अक्टूबर को श्योपुर में लाडली बहना योजना की 29वीं किस्त जारी की. प्रदेश की 1.26 करोड़ महिलाओं के खाते में 1541 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए. दीवाली से पहले महिलाओं के खाते में 1250 रुपये की राशि अंतरित की गई.
Diwali 2025: उत्तराखंड में रहने वाली थारू जनजाति दिवाली पर दुख का त्योहार मनाती है. इस जनजाति के लोग अपने पूर्वजों को याद करते हैं. परिवार स्वर्गवासी सदस्य को याद करते हैं, उनका पुतला बनाकर दहन भी करते हैं.
Ujjain Karwa Chauth Temple: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में एक ऐसा अनोखा मंदिर है, जो साल में सिर्फ एक बार करवा चौथ के मौके पर खुलता है. मंदिर का नाम 'चौथ माता' मंदिर है, जो शिप्रा नदी के किनारे स्थित है. नागदा बायपास मार्ग पर शिप्रा नदी के किनारे जीवन खेड़ी क्षेत्र में स्थित इस मंदिर में सुहागिनों को 'खास' प्रसाद भी मिलता है. हर साल जब यह मंदिर खुलता है तो बड़ी संख्या में सुहागिनें माता का आशीर्वाद लेने यहां पहुंचती हैं.