Madhya Pradesh's Lime City: अपनी संस्कृति, पर्यटन और इतिहास के लिए देश भर में प्रसिद्ध मध्य प्रदेश में भरपूर खनिज संपदाएं भी हैं. यहां एक शहर ऐसा भी है, जिसे 'चूने के शहर' नाम का खिताब भी मिला है. इस शहर में न सिर्फ चूने के पत्थर बल्कि कई और खनिज भी निकलते हैं. यह पत्थर और खनिज ही इस शहर की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान निभाते हैं.
Highway Construction: पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश से मध्य प्रदेश के बीच फोरलेन ग्रीन फील्ड हाईवे का निर्माण किया जा रहा है. इस निर्माण के बाद उत्तर प्रदेश से मध्य प्रदेश की दूरी कम होगी और 5 जिलों को सुपर फास्ट कनेक्टिवटी मिलेगी.
Madhya Pradesh: क्या आप मध्य प्रदेश के सबसे पुराने शहर के बारे में जानते हैं? 'महाकाल की नगरी' उज्जैन को प्रदेश का सबसे पुराना शहर माना जाता है. जानें कारण-
Panna National Park: क्या आप भी अपने परिवार के साथ किसी शांत सुंदर जगह घूमने जाने का प्लान कर रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए है. मानसून के दौरान बंद हुए टाइगर रिजर्व वापस से खुलने वाला है. एमपी का पन्ना टाइगर रिजर्व बारिश के बाद परिवार के साथ घूमने के लिए एक बेहतरीन जगह है.
प्रदेश के अंदर 413 नगरीय निकायों में गीता भवन बनाए जाने हैं. इन भवनों को सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा.
Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश के जबलपुर जिला स्थित जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज (JEC) मध्य प्रदेश का पहला इंजीनियरिंग कॉलेज है. इसकी स्थापना आजादी से पहले हुई थी. जानिए मध्य प्रदेश के पहले इंजीनियरिंग कॉलेज के बारे में-
Madhya Pradesh: क्या आप मध्य प्रदेश के सबसे बड़े रेलवे स्टेशन के बारे में जानते हैं. यह रेलवे स्टेशन कटनी जंक्शन है, जहां से हर दिशा के लिए ट्रेन मिल जाती है. जानकारी के मुताबिक इस स्टेशन से रोजाना 300 से ज्यादा ट्रेनें गुजरती हैं. जानिए प्रदेश के सबसे बड़े रेलवे स्टेशन के बारे में-
Gwalior Fort: ग्वालियर किले को 'जिब्राल्टर ऑफ इंडिया' कहा जाता है, मुगल शासक बाबर ने इसे 'हिंद के किलों में मोती का हार' कहा था. ग्वालियर किले में विक्रमादित्य महल, सहस्त्रबाहु मंदिर, तेली का मंदिर, मानसिंह महल, शाहजहां महल जैसी बेमिसाल इमारतें हैं.
कमलेश्वर डोडियार ने द्वारा साल 2023 के विधानसभा चुनाव में दिए हलफनामे के अनुसार उनकी कुल संपत्ति 18,32,938 रुपये बताई गई थी, जबकि उनके ऊपर 10 लाख से अधिक का कर्ज है.
Baglamukhi Mata Mandir Nalkheda: आगर मालवा में स्थित मां बगलामुखी का दिव्य मंदिर है, जो पूरे देश में प्रसिद्ध है. नलखेड़ा में मां पीतांबरा देवी का मंदिर है. यहां हल्दी चढ़ाने से मनोकामना पूरी होती है. पीतांबरा देवी को शत्रु की संहारक माना जाता है, इसी कारण देश भर से लोग यहां पूजा-अर्चना के लिए आते हैं.