MP Weather Update: पिछले 24 घंटे की बात करें तो मध्य प्रदेश का मौसम शुष्क रहा. किसी भी जिलों में बारिश दर्ज नहीं की गई. मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, राजगढ़, धार, नौगांव (छतरपुर), दमोह, दतिया और ग्वालियर में शीत लहर का असर देखने को मिला.
गनीमत रही कि रीवा करहिया में खाद के लिए किसानों की उमड़ी भीड़ में कोई व्यक्ति भीड़ में कुचल नहीं गया. लेकिन लोग एक दूसरे पर गिरते रहे.
सरकार का कहना है कि तीन किस्तों में भुगतान और मजदूरी राशि को अलग रखने से योजना अधिक प्रभावी बनेगी. इससे न केवल ग्रामीण आवास निर्माण में तेजी आएगी, बल्कि रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.
महाकाल मंदिर के वरिष्ठ पुजारी महेश शर्मा ने मंदिर में गैर हिंदुओं के प्रवेश को रोकने लिए प्रशासन से मांग की है. महेश शर्मा ने कहा है कि देश के कई अन्य स्थानों पहले से ही ऐसी व्यवस्था है, इसलिए महाकाल में भी ऐसा ही किया जाए.
मुख्यमंत्री ने पुष्प प्रदर्शनी के दौरान जानकारी देते हुए बताया कि आज मध्य प्रदेश में 45000 हेक्टेयर में फूलों की खेती हो रही है. 45 हजार किसान आज फूलों की खेती से जुड़े हैं.
पुजारी और श्रद्धालुओं का कहना है जो भी दिया है, बाबा महाकाल ने ही तो दिया है. हमको इस लायक बनाया है कि हमने बाबा की सेवा में धूल बराबर दान के रूप में आभूषण भेंट किया है.
MP News: संविदा कर्मियों के सम्मेलन में पहुंचे मुख्यमंत्री को संगठन ने 13 बिंदुओं का मांग पत्र मुख्यमंत्री मोहन यादव को सौंपा गया. इसके बाद मुख्यमंत्री ने सभी बिंदुओं की मांगों को पूरा करने की घोषणा मंच से की. सम्मेलन में पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि संविदा कर्मियों का भविष्य हम सुनिश्चित करेंगे और उन्हें किसी प्रकार की समस्या नहीं होने देंगे.
निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी, अत्यधिक देरी, अनुबंध शर्तों का उल्लंघन और कई मामलों में काम बीच में छोड़ देने पर 47 ठेकेदारों और निर्माण कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है.
कांग्रेस का स्पष्ट फोकस ऐसे लोगों पर है, जो चुनाव लड़ने की इच्छा न रखते हों, बल्कि संगठन को मजबूत करने में रुचि रखते हों. पार्टी का मानना है कि ऐसे कार्यकर्ता पूरी ऊर्जा के साथ संगठनात्मक कार्यों में योगदान दे सकते हैं.
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा, 'भाजपा सरकार की नीयत ओबीसी वर्ग को आरक्षण देने की है ही नहीं. सुप्रीम कोर्ट में ओबीसी आरक्षण को लेकर हुई सुनवाई में मोहन सरकार ने अपने वकील ही नहीं भेजे.'