महाकुंभ में हुए हादसे के बाद वहां मौजूद लोगों का गुस्सा भी नजर आया. लोगों का यह गुस्सा वीआईपी लोगों के लिए खास इंतजामों को लेकर था.
कुंभ नगरी में आस्था का ऐसा नजारा दिखाई दिया जिससे हर सनातनी का सीना गर्व से ऊंचा हो गया.आस्था के आगे हर परेशानी छोटी नजर आई.
Maha Kumbh Stampede: मौनी अमावस्या के मौके पर महाकुंभ में मची भगदड़ में मध्य प्रदेश के 5 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 2 लोग लापता है. इस हादसे में
Maha Kumbh Stampede: महाकुंभ में 5 बड़े बदलाव कर दी गए हैं. जिसके बाद अब महाकुंभ में आई भीड़ को काबू में किया जा रहा है. तो चलिए जानते हैं महाकुंभ के वो 5 बड़े बदलाव जिससे महाकुंभ में स्थिति को नियंत्रित किया जा रहा.
Maha Kumbh Stampede: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ मौनी अमावस्या स्नान के मौके पर हुए हादसे की जांच के लिए मुख्यमंत्री ने 3 सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है. जिसमें रिटायर्ड जज, IAS-IPS शामिल हैं.
1954 में कुंभ मेले के दौरान 3 फरवरी को मौनी अमावस्या के अवसर पर एक भगदड़ मची थी. इस हादसे में लगभग 800 से 1000 लोगों की मृत्यु हुई थी, जबकि 2000 से अधिक लोग घायल हुए थे.
Maha Kumbh Stampede: कुंभ मेले में हादसों का इतिहास बहुत पुराना है. आज से पहले साल 1954 में मौनी अमावस्या के दिन ही संगम तट पर भगदड़ मचने से करीब 800 लोगों की जान चली गई थी.
महाकुंभ के दौरान आने-जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए यूपी रोडवेज और रेलवे ने कमांड एंड कंट्रोल सेंटर्स स्थापित किए हैं. इन सेंटर्स के माध्यम से यात्रियों को 24 घंटे सहायता मिल सकेगी. साथ ही, रेलवे ने ट्रेनों के संचालन को बनाए रखने के लिए खास इंतजाम किए हैं.
Maha Kumbh Stampede: मौनी अमावस्या के मौके पर स्नान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम तट पर पहुंचे. इस दौरान रात करीब 1.30 बजे बैरिकेड टूटने से भगदड़ मच गई. जानिए अब तक क्या-क्या हुआ.
Maha Kumbh 2025: मौनी अमावस्या के मौके पर महाकुंभ में भगदड़ मचने से करीब 10 घंटे बाद तीनों शंकराचार्यों, साधु-संतों और नागा बाबाओं ने अमृत स्नान किया.