इस मौके पर श्वेता तिवारी और रोनित रॉय ने अपने फेमस टीवी शो ‘कसौटी जिंदगी की’ के टाइटल ट्रैक पर स्टेज परफॉर्म भी किया.
Unique Diwali Traditions: भारत में दीवाली का त्योहार अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है. कहीं हर्षोल्लास तो कहीं शोक तो कहीं हिंगोट जैसे खतरनाक खेल खेलकर मनाया जाता है. मध्य प्रदेश के इंदौर के गौतमपुरा में हिंगोट खेला जाता है. हिंगोट फल में बारूद भरा जाता है, इसे जलाकर दूसरे पक्ष पर फेंका जाता है.
Diwali Sale Raipur: यहां मिलने वाली झालर लाइट, झूमर और पानी से जलने वाले दीये लोगों को खूब आकर्षित कर रहे हैं.
Health: समोसा सबसे लोकप्रिय स्ट्रीट फूड है, जिसे लोग दिन-रात कभी भी खाना पसंद करते हैं. इसके साथ चटनी, सब्जी, दही या जलेबी मिलाकर भी खाया जाता है.
Ladli Behna Yojana: सीएम मोहन यादव ने 12 अक्टूबर को श्योपुर में लाडली बहना योजना की 29वीं किस्त जारी की. प्रदेश की 1.26 करोड़ महिलाओं के खाते में 1541 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए. दीवाली से पहले महिलाओं के खाते में 1250 रुपये की राशि अंतरित की गई.
Biggest railway station in Chhattisgarh: मध्य भारत के राज्य छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा और सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन बिलासपुर जंक्शन है. यह स्टेशन न केवल राज्य का मुख्य रेल केंद्र है, बल्कि पूरे देश से यात्रियों और मालगाड़ियों को जोड़ने का काम करता है.
Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में ठंड ने दस्तक दे दी है. साथ ही त्योहारी सीजन भी शुरू हो रहा है, जो अपने साथ कई छुट्टियां लेकर आ रहा है. सर्दी के मौसम में छत्तीसगढ़ की कई जगहें और ज्यादा खूबसूरत हो जाती हैं. रायपुर से करीब 215 KM दूर कोरबा जिले में कई ऐसी जगहें हैं, जो ठंड में जन्नत जैसी बन जाती हैं. जानिए उन जगहों के बारे में-
Windows 10: 14 अक्टूबर 2025 के बाद Windows 10 को कोई नई सिक्योरिटी अपडेट नहीं मिलेगी, जिससे यह वर्ज़न आउटडेटेड माना जाएगा.
Diwali 2025: उत्तराखंड में रहने वाली थारू जनजाति दिवाली पर दुख का त्योहार मनाती है. इस जनजाति के लोग अपने पूर्वजों को याद करते हैं. परिवार स्वर्गवासी सदस्य को याद करते हैं, उनका पुतला बनाकर दहन भी करते हैं.
Ujjain Karwa Chauth Temple: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में एक ऐसा अनोखा मंदिर है, जो साल में सिर्फ एक बार करवा चौथ के मौके पर खुलता है. मंदिर का नाम 'चौथ माता' मंदिर है, जो शिप्रा नदी के किनारे स्थित है. नागदा बायपास मार्ग पर शिप्रा नदी के किनारे जीवन खेड़ी क्षेत्र में स्थित इस मंदिर में सुहागिनों को 'खास' प्रसाद भी मिलता है. हर साल जब यह मंदिर खुलता है तो बड़ी संख्या में सुहागिनें माता का आशीर्वाद लेने यहां पहुंचती हैं.