महाकुंभ के पहले शाही स्नान में 3.5 करोड़ भक्तों ने संगम में डुबकी लगाई. अभी तक दो दिन में 5.5 करोड़ भक्त संगम में डुबकी लगा चुके हैं. यहां अनेक साधु-संत भी पहुंचे हैं.
14 जनवरी को सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाएगा, जो नए साल और नई शुरुआत का प्रतीक है.
महाकुंभ का पहला अमृत स्नान जारी है. हर-हर महादेव का उद्घोष करते हुए नागा साधु-संत संगम पहुंच रहे हैं.
प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ के पहले अमृत स्नान में अलग अलग अखाड़ों के नागा साधुओं ने संगम में पवित्र डुबकी लगाई.
प्रयागराज में उत्सव का माहौल है. संगम तट पर सनातनियों का जमावड़ा लगा है. लाखों की संख्या में आज लोग महाकुंभ पहुंचे हैं.
दिग्विजय सिंह ने कहा मुझे न पंडित लिखने में ऐतराज न मौलाना लिखने में ऐतराज, न संत महात्मा न फादर लिखने में एतराज है.
सरस्वती नदी के बारे में कहा जाता है कि यह भूमिगत रूप से बहती है और प्रयागराज में त्रिवेणी के पास निकलती है.
महाकुंभ 2025 का आगाज 13 जनवरी 2025 पौष पूर्णिमा के दिन से हो गया है, जो 26 फरवरी तक चलेगा.
मध्य प्रदेश के के सभी धार्मिक शहर जैसे उज्जैन, अमरकंटक, खंडवा, चित्रकूट आदि शहरों में शराब की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगने वाली है.
इस बार कुंभ में 40 करोड़ से ज्यादा लोगों के आने की उम्मीद है. यह संख्या अमेरिका और रूस की आबादी से भी ज्यादा है.