CG News: अंबिकापुर में विस्तार न्यूज़ की खबर का असर, प्राइवेट स्कूलों पर वसूली गई फीस पर 50 प्रतिशत जुर्माना लगाने की तैयारी
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CG News: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में विस्तार न्यूज़ की खबर का बड़ा असर देखने को मिला है. यहां प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है. अंबिकापुर के बिरला ओपन माइंड स्कूल और मोन्ट फोर्ड स्कूल पर लाखों रुपये का जुर्माना लगाने का प्रस्ताव लाया गया है. दोनों प्राइवेट स्कूलों पर एडिमिशन फीस के नाम पर स्टूडेंट्स से उगाही करने का आरोप है. विस्तार न्यूज़ ने अपने प्राइम टाइम शो में खबर को प्रमुखता से दिखाया था. अब स्कूलों पर वसूली गई फीस का 50 प्रतिशत जुमाना लगाने की तैयारी है.
2934 स्टूडेंट्स से वसूली गई फीस पर 50 प्रतिशत जुर्माना
जिला शिक्षा अधिकारी की तरफ से जारी आदेश में दोनों स्कूलों में 2934 स्टूडेंट्स से वसूली गई फीस का 50 प्रतिशत जुमाना वसूला जाने की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है. इनमें मोन्ट फोर्ड स्कूल के 2070 स्टूडेंट्स और ओपन माइंड स्कूल के 864 स्टूडेंट्स शामिल हैं. दोनों ही स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है और दो दिन के अंदर जवाब मांगा गया है. अगर सही समय पर जवाब नहीं दिया गया तो स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी.
मोन्ट फोर्ड स्कूल में जांच के दौरान पाई गई कमियां
जांच के दौरान मोन्ट फोर्ड स्कूल में शिक्षा विभाग ने 10 बड़ी कमियां पाई हैं.
1. क्लास एक से 8वीं तक की सभी किताबें और कॉपियां “आशा बुक डिपो” और “राणा ब्रदर्स” से बंडल बनाकर खरीदवाने का प्रमाण मिला है.
2. जांच में विद्यालय प्रबंधन द्वारा उक्त कक्षाओं के समस्त अभिभावकों को उक्त दोनों दुकानदारों से सामग्री क्रय किये जाने हेतु मोबाइल के माध्यम से मैसेज दिया जाना प्रमाणित पाया गया.
3. एक अभिभावक द्वारा जानकारी दी गई कि विद्यालय से किताबों की सूची दी गई और किताबें कॉपियां कहां से लिया जाना है, यह भी निर्देश दिया गया है.
4. सभी किताबें और कॉपियों की बंडलिंग बनाकर क्रय किये जाने हेतु विवश किया गया. कई अभिभावकों ने यह भी जानकारी दी कि एक या दो किताबें या बिना कॉपियों के किताबें मांगने पर नहीं दिया गया.
5. C.B.S.E. Affiliation Bye-Laws 2018 के क्लॉज 2.4.7 का उल्लंघन करते हुए कक्षा नर्सरी से 8वीं तक केवल Private Publisher की महंगी किताबें पढ़ाया जाना प्रमाणित पाया गया.
6. C.B.S.E. Affiliation Bye-Laws 2018 के क्लॉज 2.4.7 का उल्लंघन करते हुए कक्षा 9वीं से 12वीं में भी कुछ Private Publisher की महंगी महंगी किताबें पढ़ाया जाना प्रमाणित पाया गया.
7. हर साल एडमिशन फीस लिया जाना प्रमाणित पाया गया. जबकि शिक्षा संहिता /शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत प्रवेश शुल्क लिया जाना निषिद्ध है.
8. शिक्षा सत्र 2025-26 की तुलना में शिक्षा सत्र 2026-27 में सभी मदों में न्यूनतम 5 प्रतिशत से अधिकतम 14 प्रतिशत तक फीस वृद्धि किया जाना पाया गया.
9. संस्था / प्रबंधन द्वारा अभिभावकों को निश्चित दुकान से किताबें कॉपियों का सेट्स क्रय करने हेतु प्रत्यक्ष रूप से दबाव बनाया गया.
10. सूचना पटल पर यूनिफॉर्म / पुस्तक सूची का प्रदर्शन किया जाना नही पाया गया.
ओपन माइंड स्कूल में जांच में 11 बिंदुओं में कमी पाई गई
1. कक्षा एक से 8वीं तक की समस्त किताबें और कांपियां “मेसर्स किताब घर” से बंडल के रूप में क्रय कराया जाना प्रमाणित पाया गया.
2. जांच में यह पाया गया कि बिरला फाउंडेशन के द्वारा अनुशंसित किताबें ही पढ़ाया जा रहा है.
3. क्लास एक से 8वीं तक NCERT की कुछ किताबों के अलावा लगभग सभी किताबें निजी प्रकाशकों की हैं.
4. सभी किताबें और कापियां बंडलिंग बनाकर क्रय किये जाने हेतु विवश करना परिलक्षित हुआ.
5. C.B.S.E. Affiliation Bye-Laws 2018 के क्लॉज 2.4.7 का उल्लंघन करते हुए कक्षा नर्सरी से 8वीं तक केवल Private Publisher की महंगी किताबें पढ़ाया जाना प्रमाणित पाया गया.
6. फील्ड ट्रिप/वर्कशॉप/सेमिनार के नाम से अवैध शुल्क लिया जाना प्रमाणित पाया गया.
7. संस्था / प्रबंधन द्वारा अभिभावकों को एक निश्चित दुकान से किताबें-कॉपियों का सेट्स क्रय करने हेतु प्रत्यक्ष रूप से दबाव बनाया गया.
8. पुस्तकों की सूची विद्यालय के वेबसाईट पर अपलोड किया जाना नहीं पाया गया.
9. यूनिफॉर्म एक निश्चित दुकान से क्रय किये जाने की जानकारी छात्र-छात्राओं द्वारा दी गई.
10. सूचना पटल पर यूनिफॉर्म / पुस्तकों की सूची का प्रदर्शन किया जाना नहीं पाया गया.
11. आपके द्वारा प्रदत्त शुल्क सूची के अनुसार रजिस्ट्रेशन शुल्क, एडमिशन शुल्क और सुरक्षा निधि शुल्क लिया जाना पाया गया. जबकि शिक्षा संहिता / शिक्षा का अधिका अधिनियम 2009 के तहत रजिस्ट्रेशन शुल्क, एडमिशन शुल्क और सुरक्षा निधि शुल्क लिया जाना निषिद्ध है.
विस्तार न्यूज़ ने मुद्दे को प्रमुखता उठाया था
बता दें कि छत्तीसगढ़ में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी सामने आई थी. जहां बाजार में सस्ती किताबें उपलब्ध होने के बावजूद स्कूलों द्वारा तय दुकानों से ही महंगे दामों पर खरीदने का दबाव बनाया जा रहा था. इस खबर को विस्तार न्यूज़ के प्राइम टाइम शो ‘सीधे मुद्दे की बात’ में प्रमुखता से दिखाई गया. इसके बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी मामले में संज्ञान लिया था. मुख्यमंत्री ने कहा था कि मनमानी तरीके से वसूली करने वाले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. उसी कड़ी में अंबिकापुर में कार्रवाई की शुरुआत की गई है.