छत्तीसगढ़ः विवादों में ‘रावण’… टेंडर और दो जगह दहन को लेकर घमासान

बिलासपुर. दशहरा से पहले बिलासपुर में रावण दहन को लेकर सियासत गरमा गई है. साइंस कॉलेज मैदान में रावण दहन और दशहरा उत्सव के लिए नगर निगम के जोन क्रमांक-7 कार्यालय से करीब 20 लाख रुपए का टेंडर जारी होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है.

बिलासपुर. दशहरा से पहले बिलासपुर में रावण दहन को लेकर सियासत गरमा गई है. साइंस कॉलेज मैदान में रावण दहन और दशहरा उत्सव के लिए नगर निगम के जोन क्रमांक-7 कार्यालय से करीब 20 लाख रुपए का टेंडर जारी होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है. महापौर पूजा विधानी ने साइंस कॉलेज में नगर निगम की ओर से रावण दहन कराने से साफ इनकार कर दिया है. उन्होंने कहा कि नगर निगम का दशहरा उत्सव और रावण दहन इस बार भी पुलिस ग्राउंड में ही होगा. साइंस कॉलेज के आयोजन से निगम का कोई लेना-देना नहीं रहेगा. (Bilaspur Ravan Dahan Controversy)

पिछले दो-तीन वर्षों से साइंस कॉलेज मैदान में रावण दहन को लेकर राजनीतिक विवाद सामने आता रहा है. पिछले साल यहां दो रावण जलाए जाने को लेकर भी जमकर बयानबाजी हुई थी. इस बार जोन क्रमांक-7 से साइंस कॉलेज मैदान में दशहरा उत्सव के लिए 19.96 लाख रुपए का टेंडर जारी होने के बाद विवाद फिर सामने आ गया है. जोन कार्यालय का कहना है कि निविदा कलेक्टर कार्यालय के निर्देश पर जारी की गई है और आयोजन सीएसआर मद से कराया जाना है.

कांग्रेस ने टेंडर रद्द करने का आरोप लगाया

शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने आरोप लगाया कि निगम ने 28 सितंबर को निविदा जारी की और अगले ही दिन उसे रद्द कर दिया. इसकी सूचना बाद में जारी की गई. उन्होंने सीएसआर मद से आयोजन कराने पर भी सवाल उठाया. मिश्रा ने कहा कि नगर निगम स्वयं सीएसआर राशि उपलब्ध नहीं कराता. एसईसीएल से जानकारी लेने पर भी ऐसी राशि दिए जाने की बात सामने नहीं आई है. उन्होंने साइंस कॉलेज में करीब 20 लाख रुपए खर्च करने के औचित्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर के दूसरे दशहरा मैदानों को भी आयोजन के लिए सहयोग मिलना चाहिए.

दो जगह टेंडर हुआ तो निगम भुगतेगा : मेयर

महापौर पूजा विधानी ने कहा कि उन्होंने साइंस कॉलेज में नगर निगम की ओर से रावण दहन कराने से मना कर दिया है. जोन क्रमांक-7 से टेंडर जारी होने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने जोन कमिश्नर को भी आवश्यक निर्देश दिए हैं. महापौर ने स्पष्ट किया कि नगर निगम न तो साइंस कॉलेज के आयोजन की एजेंसी बनेगा और न ही वहां कोई भूमिका निभाएगा. नगर निगम का एक ही रावण पुलिस ग्राउंड में जलेगा.

कलेक्टर के निर्देश पर टेंडर जारी : जोन अधिकारी

जोन अधिकारी भूपेंद्र उपाध्याय ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर 28 और 29 सितंबर को टेंडर जारी किया गया था. उन्होंने कहा कि साइंस कॉलेज में दशहरा उत्सव सीएसआर मद से कराया जाएगा. वहीं निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने कहा कि टेंडर जोन कार्यालय से जारी हुआ है और वे इसकी जानकारी लेंगे.

आतिशबाजी पर 4 लाख, पुतले समेत अन्य व्यवस्था पर 6 लाख

जोन क्रमांक-7 की निविदा में साइंस कॉलेज मैदान में दशहरा महोत्सव की व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग राशि निर्धारित की गई है. टेंट और बैठक व्यवस्था पर 9.96 लाख रुपए, विभिन्न प्रकार की आतिशबाजी पर 4 लाख रुपए तथा पुतला निर्माण, प्रकाश व्यवस्था और साउंड सिस्टम आदि पर 6 लाख रुपए खर्च का प्रावधान है. कुल निविदा राशि 19.96 लाख रुपए है.

अरपांचल में शासकीय रावण दहन पर अलग निगम की मांग

अरपा नदी के पार बसे अरपांचल में पहली बार शासकीय स्तर पर रावण दहन का आयोजन होने जा रहा है. इसे आधार बनाकर पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं बेलतरा विधानसभा के पूर्व विधायक प्रत्याशी विजय केशरवानी ने अरपांचल के लिए अलग नगर निगम की पुरानी मांग फिर उठाई है.

केशरवानी ने कहा कि जब अरपांचल शासकीय आयोजन के लिए महत्वपूर्ण हो गया है तो यहां की जनता को अलग प्रशासनिक पहचान देने की दिशा में ठोस पहल कब होगी. उन्होंने कहा कि नगर निगम के 70 वार्डों में से 24 वार्ड अरपांचल क्षेत्र में आते हैं. इसके बावजूद सड़क, नाली, जलनिकासी, स्वच्छता, यातायात और जलभराव जैसी समस्याएं अब भी बड़ी चुनौती हैं. उनका कहना है कि अरपांचल की पहचान केवल आबादी से नहीं, बल्कि एसईसीएल मुख्यालय और अपोलो अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों से भी है.

ये खबर भी जरूर पढ़ेंः त्योहारों में यात्रियों को राहत: हटिया-एलटीटी के बीच चलेगी पूजा स्पेशल ट्रेन

ज़रूर पढ़ें