CG News: ईडब्ल्यूएस जमीन की जांच तेज, 5 कॉलोनाइजर्स को नोटिस

रायगढ़. जिले में कॉलोनियों के विकास में ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) और कम आय वर्ग के लिए निर्धारित जमीन को लेकर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है. कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर कॉलोनाइजर्स द्वारा नियमों के तहत जमीन आरक्षित करने और विकास संबंधी प्रावधानों का पालन करने की जांच की जा […]

रायगढ़. जिले में कॉलोनियों के विकास में ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) और कम आय वर्ग के लिए निर्धारित जमीन को लेकर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है. कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर कॉलोनाइजर्स द्वारा नियमों के तहत जमीन आरक्षित करने और विकास संबंधी प्रावधानों का पालन करने की जांच की जा रही है. इसी क्रम में एसडीएम रायगढ़ महेश शर्मा ने अलग-अलग स्थानों पर कॉलोनी विकसित कर रहे पांच मामलों से जुड़े कॉलोनाइजर्स को नोटिस जारी किया है. सभी को 22 सितंबर को सुबह 11 बजे आवश्यक दस्तावेजों के साथ एसडीएम कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं. (Raigarh Colonizers Notice 2026)

 एसडीएम महेश शर्मा के अनुसार, कलेक्टर ने 1 सितंबर को कॉलोनाइजर्स के कार्यों की जांच के निर्देश दिए थे. जांच में यह देखा जा रहा है कि एक एकड़ या उससे अधिक क्षेत्र में विकसित की जा रही कॉलोनियों में ईडब्ल्यूएस के लिए निर्धारित 15 प्रतिशत जमीन शासन को सौंपने के नियम का पालन हुआ है या नहीं. वहीं, एक एकड़ से छोटी कॉलोनियों में जमीन की कीमत के बराबर राशि ग्राम पंचायत के खाते में जमा की गई है या नहीं, इसकी भी जांच होगी. इसके अलावा कम आय वर्ग के लिए 10 प्रतिशत प्लॉट सुरक्षित रखने और उनकी बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड भी देखे जाएंगे.

इन मामलों में जारी हुआ नोटिस

  •  ग्राम खैरपुर: 7.259 हेक्टेयर जमीन पर कॉलोनी विकास के मामले में कमल अग्रवाल (रायगढ़ इस्पात एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड, देलारी).
  •  ग्राम पंडरीपानी पूर्व: 2.848 हेक्टेयर जमीन के मामले में कुंतिमा पटेल, शिरीष कुमार डनसेना, राजेश पटेल, गौतम प्रसाद पटेल, राहुल रोहड़ा, प्रमोद कुमार अग्रवाल और दीपक सिंघल.
  •  ग्राम बड़े अतरमुड़ा: 19,240 वर्गमीटर जमीन के मामले में शांति देवी देवांगन और मनीष देवांगन.
  •  ग्राम बड़े अतरमुड़ा: 84,038 वर्गमीटर जमीन के मामले में ओमप्रकाश और शुभम शुक्ल.
  •  ग्राम जोरापाली: 2.238 हेक्टेयर जमीन पर कॉलोनी विकास के मामले में राहुल रोहड़ा और नीरज अग्रवाल.

ये दस्तावेज देने होंगे

एसडीएम कार्यालय ने कॉलोनाइजर्स से लाइसेंस, जमीन का डायवर्सन आदेश और नगर एवं ग्राम निवेश विभाग से स्वीकृत लेआउट समेत अन्य दस्तावेज मांगे हैं. इसके साथ ही ईडब्ल्यूएस के लिए 15 प्रतिशत जमीन शासन को सौंपने से संबंधित दस्तावेज, छोटी कॉलोनी की स्थिति में ग्राम पंचायत के खाते में जमा राशि की रसीद, कम आय वर्ग के लिए सुरक्षित 10 प्रतिशत प्लॉट की बिक्री की जानकारी, बंधक प्लॉट को मुक्त कराने का आदेश भी प्रस्तुत करना होगा.

जानकारी छिपाने पर होगी कानूनी कार्रवाई

नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि सभी संबंधित कॉलोनाइजर्स निर्धारित तारीख और समय पर दस्तावेजों के साथ उपस्थित हों. जांच के दौरान यदि कोई जानकारी छिपाई जाती है या निर्धारित समय पर दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं, तो संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित कॉलोनाइजर की होगी.

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