Pizza और दाल-बाटी खाने के बाद फूड पॉइजनिंग, जांजगीर की तीन मासूम बहनों की मौत, माता-पिता भर्ती

जांजगीर-चांपा. जिले के ग्राम मुरलीडीह से मध्यप्रदेश के इंदौर क्षेत्र में कमाने गए एक परिवार की तीन मासूम बेटियों की फूड पॉइजनिंग से मौत हो गई. 23 अगस्त की रात परिवार ने पिज्जा और दाल-बाटी खाया था. इसके बाद तीनों को उल्टी-दस्त होने लगी.

जांजगीर-चांपा. जिले के ग्राम मुरलीडीह से मध्यप्रदेश के इंदौर क्षेत्र में कमाने गए एक परिवार की तीन मासूम बेटियों की फूड पॉइजनिंग से मौत हो गई. 23 अगस्त की रात परिवार ने पिज्जा और दाल-बाटी खाया था. इसके बाद तीनों को उल्टी-दस्त होने लगी. दो बेटियों ने बेटमा थाना क्षेत्र के एक अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ा. वहां से शव लेकर परिवार मुरलीडीह लौट रहा था कि रास्ते में तीसरी बेटी की तबीयत ज्यादा खराब हो गए, इस पर उसे इटारसी के अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सक उसे नहीं बचा पाए.

बच्चों के माता-पिता का इटारसी के अस्पताल में उपचार चल रहा है.
मूलतः जांजगीर-चांपा जिले के मुरलीडीह (अकलतरा) थाना क्षेत्र के ग्राम मुलमुला निवासी नरेन्द्र सिंह सांडे इंदौर के समीप पीथमपुर स्थित एल एंड टी कंपनी में रेडियल मशीन ऑपरेटर का काम करते हैं. वे पत्नी अमरोतिन और तीन बेटियों आशी (10 वर्ष), विशुका (8 वर्ष) और विधि (6 वर्ष) के साथ लाइफ सिटी कॉलोनी, काली बिल्लोद (थाना बेटमा) में निवास कर रहे थे.

आपदा प्रबंधन प्राधिकरण व निगरानी टीम को दी गई. उत्तराखंड में बेहद संवेदनशील चार झीलों का अध्ययन हो चुका है. अब यहां पर अर्ली वार्निंग सिस्टम यानी पूर्व चेतावनी प्रणाली लगाने की तैयारी है. इसकी जिम्मेदारी भी वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान को दी गई है. वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिकों, आपदा प्रबंधन व संबंधित विभागों की टीम झीलों की हर हरकत पर नजर रखती है. पुलिस व परिवार के बताए अनुसार, 23 अगस्त की शाम को पूरे परिवार ने पिज्जा खाया. इसी रात को अपने पारिवारिक मित्र संजय सोलंकी के घर ये लोग खाने पर गए थे, जहां उन्होंने दाल बाटी खाया. उसी रात पांचों की तबीयत बिगड़ने लगी.

विशुका और विधि की तबीयत ज्यादा बिगड़ जाने पर उन्हें रात करीब 3 बजे लाइफ सिटी के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां 25 अगस्त की रात दोनों ने दम तोड़ दिया. पुलिस व परिवार के बताए अनुसार, 23 अगस्त की शाम को पूरे परिवार ने पिज्जा खाया. इसी रात को अपने पारिवारिक मित्र संजय सोलंकी के घर ये लोग खाने पर गए थे, जहां उन्होंने दाल बाटी खाया. उसी रात पांचों की तबीयत बिगड़ने लगी. विशुका और विधि की तबीयत ज्यादा बिगड़ जाने पर उन्हें रात करीब 3 बजे लाइफ सिटी के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां 25 अगस्त की रात दोनों ने दम तोड़ दिया.

बिना पोस्टमार्टम लौट रहे थे

दो मासूम बेटियों की अचानक मौत से बेसुध माता-पिता बिना पोस्टमार्टम कराए उनके शवों को एम्बुलेंस से अपने पैतृक गांव मुरलीडीह के लिए निकल थे. रास्ते में बड़ी बेटी आशी की भी हालत अचानक गंभीर हो गई. इस पर परिजनों ने एम्बुलेंस को इटारसी के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी शासकीय अस्पताल की ओर मोड़ा, जहां इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया. घटना की सूचना मिलते ही इटारसी पुलिस ने अस्पताल में मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

बच्चियों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है और बिसरा सैंपल फॉरेंसिक लैब भेजे जाएंगे. साथ ही, पुलिस बेटमा स्थित उनके घर से खाने-पीने की वस्तुओं और पानी के सैंपल लेकर भी मामले की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि मौत के असली कारणों का खुलासा हो सके. नरेंद्र और अमरोतिन का इटारसी के अस्पताल में उपचार चल रहा है. बच्चियों की मां अमारोतिन के अनुसार, परिवार ने 23 अगस्त की रात करीब 2 बजे दाल, चावल और रोटी-सब्जी खाया था. मौत की वजह फूड पॉइजनिंग को तो बताया जा रहा है लेकिन इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है कि क्या खाने के बाद ये लोग फूड पॉइजनिंग के शिकार हुए.

मेजबान परिवार स्वस्थ

रंजीत बघेल, थाना प्रभारी बेटमा, इटारसी के मुताबिक पूरे परिवार के लोगों ने 23 अगस्त की शाम को पिज्जा खाया था, इसके बाद वे अपने पारिवारिक मित्र के घर भोज पर भी गए थे. 24 अगस्त को इनकी तबीयत बिगड़ी, जबकि मेजबान का परिवार स्वस्थ है. पिज्जा से ही फूड पॉइजनिंग की आशंका है. दो बच्चियों की मौत 25 अगस्त की रात हुई जबकि तीसरी की मौत 26 अगस्त को हुई. बिसरा सैंपल व अन्य जांच की जा रही है.

प्रारंभिक जांच में फूड

सौरभ पांडेय, थाना प्रभारी इटारसी के मुताबिक पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि खाना खाने के बाद ही तीनों बच्चियों की तबीयत बिगड़ी थी. उन्हें अचानक उल्टी-दस्त शुरू हो गया था. जरूरी होने पर बिसरा जांच भी कराई जाएगी.

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