Chhattisgarh: सीएम विष्णुदेव साय ने कश्मीर से कन्याकुमारी तक PM मोदी को बताया जनता की पहली पसंद, अपने राजनीतिक सफर पर भी की बात

Chhattisgarh News: सीएम साय ने कहा कि "जनता की मर्जी ही मोदी जी की मर्जी है." कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक जनता की पहली पसंद "मोदी" हैं. इससे इंडी गठबंधन सहित समूचा विपक्ष बौखलाया हुआ है. क्योंकि मोदी जी की लोकप्रियता के सामने उनकी दाल नहीं गल रही है.
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CM Vishnu Deo Sai

Chhattisgarh News: सीएम विष्णुदेव साय ने राजनीतिक सफर के बारे में बताते हुए कई जानकारियां दी. उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी को लेकर कहा कि कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक जनता की पहली पसंद मोदी है. इसके अलावा उन्होंने अपने सरकार के लक्ष्य को लेकर भी बात की.

कश्मीर से कन्याकुमारी तक PM मोदी जनता की पहली पसंद – सीएम साय

सीएम साय ने कहा कि “जनता की मर्जी ही मोदी जी की मर्जी है.” कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक जनता की पहली पसंद “मोदी” हैं. इससे इंडी गठबंधन सहित समूचा विपक्ष बौखलाया हुआ है. क्योंकि मोदी जी की लोकप्रियता के सामने उनकी दाल नहीं गल रही है. इसलिए अब उम्र का नया शिगूफा ले आए.

कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर साधा निशाना

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे जी 81 वर्ष की उम्र में भी कांग्रेस को जीवित में करने लगे हैं. कांग्रेस और उनकी सहयोगी पार्टियों को पहले उन पर रहम करना चाहिए. मोदी जी की पूरे भारत में जन स्वीकार्यता से विपक्षियों का बिलबिलाना लाज़मी है.वैसे यह अकाट्य सत्य है कि – “आएगा तो मोदी ही “, विपक्षी अपना घर संभालें. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा पीएम मोदी के उम्र पर की गई टिप्पणी पर एक साक्षात्कार में बोल रहे थे.

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नक्सलवाद का खात्मा हमारा लक्ष्य

नक्सलियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई के सवाल पर साय ने कहा कि जबसे हमारी सरकार छत्तीसगढ़ में बनी है, तब से ही हम नक्सलवाद के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ रहे हैं. अभी तक 104 नक्सली मारे जा चुके हैं. कुछ दिन पहले नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली, जिसमें कांकेर में एक दिन में 29 नक्सली मारे गए, बीजापुर में दस, अबुझमाड़ में दस अभी दो दिन पहले शुक्रवार को ही बारह नक्सलियों मुठभेड़ में मारे गए. फोर्स ने इन चार मुठभेड़ में ही 61 नक्सलियों को जान से हाथ धोना पड़ा. इससे पहले इतनी संख्या में कभी नक्सली नहीं मारे गए, जिनमें 20-20 लाख के इनामी नक्सली भी थे. ये हमारे लिए एक बहुत बड़ी सफलता थी. सुरक्षाबलों ने बहुत साहस के साथ ये काम किया, मैं आपके माध्यम से उनके इस जज्बे की तारीफ करता हूं, जो मजबूती के साथ नक्सलवाद से लड़ रहे हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार का भी छत्तीसगढ़ को बहुत फायदा मिला है. गृहमंत्री जी भी अगले एक-दो वर्षों में छत्तीसगढ़ से पूरी तरह नक्सलवाद खत्म करना चाहते हैं, पर दुर्भाग्य है कि कांग्रेस और खास कर पूर्व मुख्यमंत्री इन मुठभेड़ों को फर्जी बता रहे है, जबकि नक्सली खुद लिस्ट जारी कर मुठभेड़ और नक्सली मौतो को स्वीकार किया है. कांग्रेस की ऐसी आदत ही रही है. इन लोगों ने मोदी के पाकिस्तान पर सर्जिकल और एयर स्ट्राइक पर भी सवाल खड़े किए थे. ये सब करके ये सेना और सुरक्षाबल के मनोबल घटाने का काम कर रहे हैं, जो उचित नही है.

साय बोले – आदिवासियों से बड़ा कोई हिंदू नहीं

सीएम साय ने आदिवासियों को असली हिंदू बताते हुए कहा कि सभी ट्राइबल के त्यौहार भी सनातनी ही होते हैं. दिपावली भी बड़े धूमधाम से मनाई जाती है. जिसमें 2 दिन दीए जलाते हैं, एक दिन कच्चे दीए और दूसरे दिन पक्के दिये. तीसरे दिन अन्नकूट होता है, जिसमें सुबह मवेशियों को नहलाकर उनके सींगो में तेल लगाना, उनको माला पहनाना साथ ही भोजन पकाकर खिलाते है, एवं पूजा करते हैं. पौष पूर्णिमा का त्योहार भी आता है जब खेती बाड़ी से भी फ्री हो जाते हैं. इस दिन बाहर पिकनिक मनाते हैं और अगले दिन घर में अच्छे व्यंजन बनाकर खाते हैं. होली का भी त्यौहार बड़े आनंद के साथ मनाते हैं, लगभग सभी त्योहार ट्राइबल में भी मनाए जाते हैं.

अपने जीवन के संघर्षों पर की बात

राजनीतिक गतिविधियों से इतर पारिवारिक छुट्टियों और घूमने फिरने जाने के संबंध में सवाल पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हम कभी खाली रहे ही नहीं. पिताजी के देहांत के बाद 10 वर्ष के उम्र से ही हमारा बचपन संघर्षों में बीता. खेलना-कूदना हमारे सौभाग्य में नहीं था. जिम्मेदारियां ज्यादा थी पर पौष पूर्णिमा जिसमें बाहर पिकनिक मनाने जाने की परंपरा है तो हम गांव के बाहर एक नदी गुजरती है जहां परिवार के साथ जाते और वहीं एक समय का खाना पकाते और खाते थे. फिर राजनीति में आने के बाद हमारा अधिकांश समय सामाजिक कार्यक्रमों एवं लोगों के बीच में ही गुजरा है.

खुद की राजनैतिक व्यस्तता के बीच परिवार को संभालने में पत्नी की भूमिका के सवाल पर साय ने कहा कि मेरा ससुराल गांव से 20 किमी दूर ही है और यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे बहुत अच्छी धर्म पत्नी मिली है. जिन्होंने बिना शिकायत किए हुए हर समय सहयोग किया है और आज जब हम मुख्यमंत्री बनने के बाद ज्यादा व्यस्त हो गए तो पूरा क्षेत्र आज वो ही संभाल रही हैं. सभी कार्यक्रमों में लोग उन्हें आमंत्रित करते है, उनको सुनते हैं वो अच्छी वक्ता भी हैं. पूजा-पाठ में उनकी बहुत रुचि है. गीता, रामायण जैसें ग्रंथ उन्होंने पढ़ा हुआ है.

सीएम ने अपने राजनीतिक सफर पर की बात

अपने राजनीतिक सफर के बारे में बताते हुए विष्णु देव साय ने कहा कि मैंने कभी नहीं सोचा था, क्योंकि मैं जब 10 साल का था तब पिता जी का साया हमारे सर से उठ गया था. घर में बड़े भाई होने के नाते अपनी पढाई के साथ-साथ छोटे भाई बहनों को पढ़ाने की जिम्मेदारी एवं मां-दादी का ख्याल रखना और खेती बाड़ी करना था. जब हमारी पढ़ाई कंप्लीट हुई, उस समय पंचायत चुनाव का समय भी था. गांव वालों के कहने पर हमने पंच का चुनाव लड़ा और पांच वर्ष तक पंच रहे. अगला चुनाव जब आया तो पूरे पंचायत वालों ने कहा कि आप सरपंच बनना चाहोगे तो हम आपको निर्विरोध सरपंच बना देंगे. लोगों से आग्रह करके हमने 13 में से 12 वार्ड में निर्विरोध पंच बनाया और एक वार्ड में चुनाव हुआ तो भी हमारा ही प्रत्याशी जीता.

चुनाव के बाद सरकार की प्राथमिकता के सवाल पर सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता से जो वादा करके हम सरकार में आए हैं, जो मोदी की गारंटी हैं, उनको लागू करना एवं छत्तीसगढ़ की जनता के विश्वास पर खरा उतरना ही हमारी प्राथमिकता है। चुनाव से पहले 3 महीने की सरकार में हमने अनेक सौगातें छत्तीसगढ़ की जनता को देने का काम किया है. जिसमें 18 लाख प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृत, 3100 रुपया क्विंटल धान खरीदी, महतारी वंदन के तहत हर महीने 1000₹ महिलाओं के खाते में भेजना। इसके अलावा भी बहुत से काम मोदी के गारंटी के तहत हुए हैं।

साय ने कहा कि मोदी की गारंटी के तहत सीमित समय में हमने जनता के हित में बहुत से कदम उठाए है पर अभी बहुत कुछ करना बाकी है। मोदी की हर गारंटी को हमारी सरकार पूरा करेगी इसमें किसी को संदेह नहीं होना चाहिए.

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