CG News: छत्तीसगढ़ में आधार लिंकिंग ने पकड़ा स्कूलों में फर्जी नामांकन का खेल, 10 लाख छात्र कम हुए, जानें कैसे हुआ खुलासा
स्कूलों में फर्जी नामांकन का खुलासा
CG News: छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में फर्जी नामांकन का बड़ा खुलासा हुआ है. सरकारी स्कूलों में यूडाइस सिस्टम में नाम और आधार एंट्री अनिवार्य होने के बाद विद्यार्थियों की संख्या लगभग 10 लाख घट गई है. 2024 से 2026 के बीच प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पहली से 10वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के आधार लिंकिंग से फर्जी और डुप्लीकेट नामांकन उजागर हुए हैं.
स्कूलों में फर्जी नामांकन का खेल, 10 लाख छात्र कम हुए कम
डिजिटल सत्यापन के बाद इनकी सही संख्या सामने आई है . वर्ष 2024 में जहां 53.69 लाख विद्यार्थियों को किताबें बांटी गई थीं, वहीं 2026 में यह संख्या घटकर 43 लाख रह गई है. इससे अब लगभग 50 लाख किताबें कम छापनी होंगी.
सालों तक स्थिर रहे आंकड़ों में अचानक आई इस कमी ने नि:शुल्क किताब वितरण और शिक्षा विभाग के खर्च पर सवाल खड़े कर दिए हैं. विशेषज्ञ इसे घोस्ट स्टूडेंट्स और फर्जी नामांकन पर नकेल का परिणाम मान रहे हैं.
शिक्षा विभाग के खर्च पर उठे सवाल
सालों तक स्थिर रहे आंकड़ों में अचानक आई इस कमी ने निशुल्क किताब वितरण और शिक्षा विभाग के खर्च पर सवाल खड़े कर दिए हैं. विशेषज्ञ इसे ‘घोस्ट स्टूडेंट्स’ और फर्जी नामांकन का परिणाम मानते हैं. 62 करोड़ का गणित, अतिरिक्त छपाई पर सवाल 2021 से 2024 के बीच हर साल 51 से 53 लाख विद्यार्थियों के लिए किताबें छापी गईं.
बड़ी गड़बड़ी आ रही सामने
यदि वर्तमान 45 लाख की वास्तविक संख्या को आधार माना जाए, तो चार वर्षों में करीब 25 लाख अतिरिक्त विद्यार्थियों के लिए किताबें छपीं. प्रति छात्र 250 रुपये के हिसाब से यह खर्च करीब 62.50 करोड़ रुपये बैठता है. यह अंतर किताबों की छपाई और वितरण में गड़बड़ी की ओर संकेत करता है.