CG News: मुख्यमंत्री कन्या सामूहिक विवाह में अव्यवस्थाओं का मामला, सीएम साय ने दिए जांच के आदेश
सीएम विष्णुदेव साय
CG News: मुख्यमंत्री कन्या सामूहिक विवाह में अव्यवस्थाओं का मामला सामने आने के बाद जांच प्रक्रिया तेज हो गई है. कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई थी. इसके बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं.
जांच समिति के अध्यक्ष ने की बैठक
मुख्यमंत्री के निर्देश पर दुर्ग संभाग के आयुक्त सत्य नारायण राठौर को जांच समिति का अध्यक्ष बनाया गया है. इसी क्रम में आज बेमेतरा स्थित न्यू सर्किट हाउस में दुर्ग संभाग आयुक्त सत्य नारायण राठौर ने अधिकारियों की बैठक ली.
कन्या सामूहिक विवाह कार्यक्रम की विस्तृत समीक्षा
बैठक में मुख्यमंत्री कन्या सामूहिक विवाह कार्यक्रम की व्यवस्थाओं और प्रशासनिक कमियों की विस्तृत समीक्षा की गई. इस दौरान संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी मांगी गई और विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई.
जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी
आयुक्त सत्य नारायण राठौर ने अधिकारियों से कार्यक्रम से जुड़ी सभी जानकारियां और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है. जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी. जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी. रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई संभव मानी जा रही है.
क्या है पूरा मामला
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में सामने आई व्यवस्थागत कमियों को लेकर विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने नाराजगी जताई. कार्यक्रम के दौरान तेज आंधी और बारिश से आयोजन प्रभावित हो गया, जिसके बाद उन्होंने प्रशासन की तैयारियों और त्वरित निर्णय क्षमता पर सवाल खड़े किए.
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मौसम खराब होने के बावजूद प्रशासन समय रहते कोई वैकल्पिक व्यवस्था करने में सफल नहीं रहा. उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री सहित सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद थे, लेकिन इसके बावजूद अधिकारियों को दूसरे स्थान की व्यवस्था करने में काफी समय लग गया.
उन्होंने प्रशासनिक अमले की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि लगभग ढाई घंटे तक वैकल्पिक स्थल की तलाश नहीं हो सकी, जो गंभीर चिंता का विषय है. उनके अनुसार, ऐसा प्रतीत हुआ कि अधिकारियों को इस बात का भी पर्याप्त आकलन नहीं था कि प्रदेश का शीर्ष नेतृत्व कार्यक्रम में मौजूद है और परिस्थितियों के अनुसार तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता थी.