बेमेतरा जिला अस्पताल में डाक्टरों की कमी, मरीजों को नहीं मिल पा रहा इलाज, घंटों तक करना पड़ रहा इंतजार
बेमेतरा जिला अस्पताल
CG News: बेमेतरा जिला अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था डॉक्टरों और नर्सों की भारी कमी के कारण गंभीर संकट से जूझ रही है. जिले भर से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है, जिससे उन्हें निजी अस्पतालों या दूसरे शहरों का रुख करना पड़ रहा है.
बेमेतरा जिला अस्पताल में डाक्टरों की कमी
जिले के सबसे बड़े स्वास्थ्य केंद्र जिला अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की भारी कमी का खामियाजा आम मरीजों को भुगतना पड़ रहा है. जानकारी के अनुसार करीब 50 डॉक्टरों के स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 5 डॉक्टरों के भरोसे पूरा जिला अस्पताल संचालित हो रहा है. वहीं 99 स्टाफ नर्सों के पदों में से केवल 44 नर्सें ही सेवाएं दे रही हैं. जिला अस्पताल में प्रतिदिन 600 से 800 मरीज ओपीडी में उपचार के लिए पहुंचते हैं. लेकिन डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है.
कई घंटों तक तक करना पड़ रहा इंतजार
अस्पताल में स्थिति यह है कि वर्षों से अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं हो पाई है, जिससे फ्रैक्चर और हड्डी संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी उम्मीद के साथ जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को अक्सर विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं मिलते. ऐसे में उन्हें मजबूरन निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराना पड़ता है या फिर दुर्ग, रायपुर जैसे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है.
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5 डॉक्टरों के भरोसे चल रहा अस्पताल
जिला अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ की कमी लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं. मरीजों और उनके परिजनों ने शासन-प्रशासन से जल्द से जल्द डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति कर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की मांग की है.
अब सवाल यह है कि जब पूरे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था महज 5 डॉक्टरों के भरोसे चल रही है, तो आखिर आम मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं कैसे मिल पाएंगी? बेमेतरा जिला अस्पताल की यही हकीकत है, जहां संसाधनों की कमी के बीच मरीज बेहतर इलाज की उम्मीद में पहुंच तो रहे हैं, लेकिन उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है.