Balodabazar: 11.38 करोड़ के लोन घोटाला मामले में CBI और इनकम टैक्स की कार्रवाई, FIR दर्ज
सांकेतिक तस्वीर
Balodabazar News: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और आयकर विभाग ने रविवार (26 जुलाई) को बलौदाबाजार में कारोबारी राजकुमार सराफ के ठिकानों पर छापेमारी की. दोनों एजेंसियों ने संयुक्त तौर से कार्रवाई की. घंटों तक चली पूछताछ और छानबीन में टीम ने दस्तावेज और आवश्यक सामग्री अपने कब्जे में लिया. इसके साथ ही शिकायत भी दर्ज कर ली गई है.
लोन की राशि का गलत इस्तेमाल हुआ
दरअसल, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत पर CBI ने कार्रवाई करते हुए 11.38 करोड़ के लोन घोटाला मामले में कार्रवाई की. धमतरी केपेक्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ-साथ उसके डायरेक्टर्स, गारंटर्स और कई अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. आरोप है कि आरोपियों ने बैंक को धोखा देकर लोन की राशि का गलत इस्तेमाल किया गया. इससे बैंक को करोड़ों रुपये को नुकसान हुआ.
धमतरी केपेक्स प्राइवेट लिमिटेड खनिज कारोबार से जुड़ी कंपनी है. बॉक्साइट की ब्रिकी और एक्सपोर्ट का काम करती थी. इससे जुड़ी केएसआर इंफ्रा और केपेक्स इंटरप्राइजेज दो अन्य फर्में भी हैं. इन्हीं के लिए कंपनी ने बैंक से लोन लिया था. आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, लेखा में हेरा-फेरी, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (धारा- 7 और धारा- 13(2)) के तहत मामला दर्ज किया गया है.
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टाइमलाइन से समझिए
- 26 मार्च 2024 को 91 लाख रुपये राधे कृष्णा इंटरप्राइजेज को भेजे गए. क्रेडिट खाते में उसी दिन 91 लाख रुपये जमा कराए गए.
- 27 मार्च 2024 को 1.63 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए. फिर इसी दिन पैकिंग क्रेडिट खाते में लगभग 1.64 करोड़ रुपये जमा कराए गए.
- 28 मार्च 2024 की तारीख को 1.97 करोड़ रुपये भेजे गए.
- बैंक ने 12 अक्तूबर 2024 को समय पर लोन ना चुका पाने के कारण इसे एनपीए घोषित कर दिया.
- CBI ने दावा किया कि लगभग 4.51 करोड़ रुपये घुमाकर पैकिंग क्रेडिट खाते में समायोजित किए गए हैं.
- 7 मई 2026 को बैंक ने शिकायत दर्ज कराई.