खजाने के चक्कर में 21 लोगों का मारने का था प्लान! 4 महीने में 8 मौतें, होश उड़ा देगी अंधविश्वास और सामूहिक हत्याकांड की वारदात
सांकेतिक तस्वीर
ये डरा देने वाली वारदात छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल क्षेत्र अंतर्गत महानदी के किनारे बसे, खर्वे गांव की है. करीब 800 की आबादी वाले इस खूबसूरत गांव की शांति के पीछे अंधविश्वास और सामूहिक हत्याकांड की साजिश का एक ऐसा खौफनाक सच छुपा हुआ है जिसे जानकार आपके होश उड़ जाएंगे. मामला धन की लालच से जुड़ा हुआ है.
अंधविश्वास और सामूहिक हत्याकांड की साजिश
दरअसल मामला अंधविश्वास और सामूहिक हत्याकांड की साजिश से जुड़ा हुआ है. हमेशा शांत से दिखने वाले इस गांव में पिछले चार महीनों के भीतर आठ लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है. ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में ‘गढ़े खजाने’ को निकालने के अंधविश्वास में कुल 21 लोगों को मौत के घाट उतारने की शाजिश रची गई थी. ग्रमीणों को गांव के ही एक किराना दुकानदार रामसाय जायसवाल पर शंका है.
दुकानदार के ऊपर गांववालों को शक
गांववालों ने रामसाय जायसवाल पर आरोप लगाया है कि वह लोगों को शराब में सुहागा मिलाकर पिलाता था. इस मामले में गांव के ही कार्तिक प्रजापति ने बताया कि 14 मई को दुकानदार रामसाय ने उसे आधी शराब की बोतल दी थी, जिसे पीते ही वह बेहोश हो गया. कार्तिक को 8 घंटे बाद अस्पताल में होश आया.
शव को ठिकाने लगाने का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि मरने वाले 8 व्यक्ति एकदम स्वस्थ थे. उन सब की मौत शराब पीने के बाद ही हुई है. इस मामले की गंभीरता देखते हुए बलौदबाजार पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है और सातों शवों को कब्र से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक के लिए भिजवाया है. सबसे हैरान कर देने वाली बात तो ये है कि उसी गांव के उमेश नवरंगे ने आरोप लगाया है कि दुकानदार ने उसे एक मृतक के शव को बुलडोजर से गायब करने को कहा था.
हर एंगल से मामले की जांच जारी
बलौदाबाजार के एसपी ओ.पी. शर्मा ने बताया कि पुलिस मामले की हर एंगल से बारीकी से तफ्तीश कर रही है. पुलिस का कहना है कि इस सनसनीखेज मामले का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा. तब तक ग्रामीणों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं हर एंगल से जांच की जा रही है.
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