भाजपा सांसद ने कहा- कांग्रेस के DNA में नक्सलवाद, बताया इसका Full Form
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रायपुर. छत्तीसगढ़ में ‘दिमागी नक्सल’वाले बयान को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है. नक्सली हिंसा के पीड़ितों द्वारा इस तरह की शब्दावली पर आपत्ति जताए जाने के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है. दोनों दलों के नेता एक-दूसरे पर नक्सलवाद को लेकर गंभीर आरोप लगा रहे हैं.
रायपुर में भाजपा सांसद संतोष पाण्डेय ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कांग्रेस पर नक्सलवाद के प्रति वैचारिक लगाव रखने का आरोप लगाते हुए ‘DNA’ की अपनी व्याख्या की. उन्होंने कहा कि ‘डी’ का अर्थ दिमागी, ‘एन’ का अर्थ नक्सल और ‘ए’ का अर्थ एसोसिएशन है और इसे कांग्रेस से जोड़कर निशाना साधा. उन्होंने ये भी कहा कि कांग्रेस के डीएनए में ही नक्सलवाद है. भाजपा सांसद के बयान के बाद राजनीतिक विवाद और गहरा गया है.
दीपक बैज बोले- पीएम माफी मांगें
वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने इस बयान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी की मांग की है. बैज का आरोप है कि इस तरह की भाषा के जरिए देश के युवाओं को निशाना बनाया जा रहा है. कांग्रेस ने भाजपा नेताओं के बयानों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में ऐतिहासिक काम किया है. उन्होंने कहा कि विपक्ष अपनी कमजोरी छिपाने के लिए असत्य बातें फैला रहा है. मुख्यमंत्री के मुताबिक डबल इंजन सरकार और सुरक्षा बलों के साहस व समन्वित कार्रवाई से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है.
इधर, नई दिल्ली में बस्तर शांति समिति के बैनर तले नक्सली हिंसा के पीड़ितों ने भी इस तरह की शब्दावली पर आपत्ति जताई थी. पीड़ितों का कहना है कि उनके लिए नक्सलवाद कोई राजनीतिक या वैचारिक बहस का विषय नहीं है, बल्कि यह दशकों से झेला गया दर्द, हिंसा और अपनों को खोने की पीड़ा है. उन्होंने शांति और विकास को प्राथमिकता देने की मांग की है.
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