छत्तीसगढ़ की सभी मस्जिद, दरगाह और मदरसों के लिए स्वतंत्रता दिवस से पहले आदेश जारी
वक्फ बोर्ड ने यौमे आजादी के लिए दिशा-निर्देश जारी किए है. बोर्ड के अनुसार इस्लाम धर्म देश से प्रेम और भाईचारे का संदेश देता है. ऐसे में देश की आजादी के पर्व पर प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र के प्रति अपना प्रेम और संविधान के प्रति अपने कर्तव्य का निर्वहन करना चाहिए.
छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने यौमे आजादी यानी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त 2026 को प्रदेशभर की सभी मस्जिदों, मदरसों और दरगाहों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अपील की है. बोर्ड ने कहा है कि इस संबंध में कार्यालय छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड की ओर से पूर्व में जारी दिशा-निर्देश यथावत रहेंगे और सभी वक्फ संस्थाओं के पदाधिकारियों को उनका पालन करना होगा.
वक्फ बोर्ड ने स्वतंत्रता दिवस के महत्व को समझते हुए इस राष्ट्रीय पर्व को देशभक्ति, आपसी एकता और भाईचारे की भावना के साथ मनाने का आह्वान किया है. बोर्ड ने कहा कि भारत सूफी-संतों की धरती है, जहां विभिन्न जाति, धर्म, पंथ और समाज के लोग गंगा-जमुनी तहजीब के साथ मिल-जुलकर रहते आए हैं. बोर्ड के अनुसार इस्लाम धर्म देश से प्रेम और भाईचारे का संदेश देता है. ऐसे में देश की आजादी के पर्व पर प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र के प्रति अपना प्रेम और संविधान के प्रति अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए ध्वजारोहण करना चाहिए.
बोर्ड ने कहा कि तिरंगा फहराने का विरोध करने वाले लोगों से समाज को सावधान रहने की जरूरत है. भारत का मुसलमान अपने वतन से मोहब्बत करता है और देश के संविधान का सम्मान करता है. कुछ लोगों की वजह से पूरे मुस्लिम समाज को संदेह की नजर से नहीं देखा जाना चाहिए.
छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने मुस्लिम समाज से अपील की है कि स्वतंत्रता दिवस को सभी लोग मिल-जुलकर मनाएं और देश की गंगा-जमुनी तहजीब, आपसी सौहार्द और भाईचारे की परंपरा को मजबूत करें. साथ ही संविधान के प्रति सच्ची निष्ठा और सम्मान बनाए रखें.
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