Raipur: नहीं बदलेगा तेलीबांधा चौक का नाम, सीएम ने कहा- किसी तरह के भ्रम में न रहे कोई

Telibandha Chowk Name Unchanged: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के तेलीबांधा चौक का नाम बदलने की अटकलें चल रही हैं. इसी बीच बड़ी खबर सामने आई है कि इस चौराहे का नाम नहीं बदला जाएगा.
Raipur Telibandha Chowk Name News

सीएम विष्णुदेव साय

CM Vishnu Deo Sai TeliBandha Chowk Udpate: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के तेलीबांधा चौक का नाम बदलने की अटकलें चल रही हैं. इसी बीच बड़ी खबर सामने आई है कि इस चौराहे का नाम नहीं बदला जाएगा. दरअसल, इस चौराहे को सेवा ज्योति संकल्प चौक की तरह विकसित किया जाना है. सीएम साय ने स्पष्ट किया है कि तेलीबांधा का नाम नहीं बदलने वाला है, इसको लेकर किसी तरह के भ्रम में न रहें.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे होने पर छत्तीसगढ़ के अलग-अलग शहरों में सेवा ज्योति संकल्प यात्रा निकाली गई. रायपुर के कार्यक्रम में सीएम विष्णुदेव साय शामिल हुए. इसके साथ ही विकसित भारत संकल्प सभा का आयोजन किया गया. मुख्यमंत्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि प्रदेश के 38 स्थानों पर सेवा ज्योति संकल्प चौक का निर्माण किया जाएगा. रायपुर के तेलीबांधा चौक पर इसे विकसित किया जाएगा.

साहू समाज ने दी थी आंदोलन की चेतावनी

सीएम के इस बयान के बाद लोगों के बीच अफवाह फैल गई कि सरकार रायपुर के तेलीबांधा चौक का नाम बदलकर सेवा ज्योति संकल्प चौराहा करने जा रहा है. साहू समाज की प्रतिक्रिया सामने आई थी. आंदोलन की चेतावनी दी थी. समाज का कहना है कि ये उनकी ऐतिहासिक पहचान और उनके कारोबार से जुड़ा हुआ है. सीएम साय ने अपने बयान में चौक का नाम बदलने की जिक्र नहीं किया है. इसे केवल सेवा ज्योति संकल्प चौक की तर्ज पर विकसित करने की बात कही है.

भूपेश बघेल ने साधा निशाना

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए नाराजगी जताई थी. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके लिखा था कि मुख्यमंत्री जी! आपको जिसका नाम बदलना है बदल लें. लेकिन अगर तेलीबांधा चौक का नाम बदला तो तेली समाज के साथ अन्याय होगा.

ये भी पढ़ें: Raipur: तेलीबांधा चौक का नाम बदलने को लेकर बवाल! साहू समाज ने दी आंदोलन की चेतावनी, कहा- पहचान मिटाने नहीं देंगे

पोस्ट में आगे लिखा कि तेलीबांधा सिर्फ एक चौक का नाम नहीं, साहू समाज की आस्था, पहचान और गौरव है, पुरखों का स्वाभिमान है. साहू समाज यह अन्याय बर्दाश्त नहीं करेगा. लोगों में बहुत ग़ुस्सा है.

ज़रूर पढ़ें