विजय-भूपेश आमने-सामने… अब छिड़ा कार्टून वॉर, देखें Social Media में वायरल पोस्ट

Bhupesh Baghel Vijay Sharma Debate: रायपुर प्रेस क्लब में मंगलवार को पीएम आवास के आंकड़ाें को लेकर डिप्‍टी सीएम विजय शर्मा और पूर्व मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल आमने-सामने आए. इस दौरान दोनों ही नेता अपनी-अपनी बाते रखी. लेकिन अब कांग्रेस और भाजपा के बीच में कार्टून वॉर छिड़ गया है. दोनो पार्टीयों ने इस डिबेट के बाद अपने-अपने सोशल मीडिया अकाउंट में कार्टून पोस्ट किए है.

Bhupesh Baghel Vijay Sharma Debate: रायपुर प्रेस क्लब में मंगलवार को पीएम आवास के आंकड़ाें को लेकर डिप्‍टी सीएम विजय शर्मा और पूर्व मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल आमने-सामने आए. इस दौरान दोनों ही नेता अपनी-अपनी बाते रखी. लेकिन अब कांग्रेस और भाजपा के बीच में कार्टून वॉर छिड़ गया है. दोनो पार्टीयों ने इस डिबेट के बाद अपने-अपने सोशल मीडिया अकाउंट में कार्टून पोस्ट किए है.

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन से जुड़े आंकड़े प्रस्तुत किए. उन्होंने बताया कि साय सरकार के कार्यकाल के दौरान अब तक 11,75,000 आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है. उन्होंने दावा किया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में पूरे देश के भीतर सर्वाधिक प्रधानमंत्री आवास छत्तीसगढ़ राज्य में निर्मित हुए हैं। इन आवासों के निर्माण पर राज्य सरकार की ओर से लगभग 16,000 करोड़ रुपये की राशि व्यय की गई है. इसके साथ ही 3,65,000 नए मकानों के निर्माण के लिए भी स्वीकृति दी जा चुकी है. पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए मंत्री शर्मा ने कहा कि वर्ष 2020-21 के दौरान कोरोना महामारी का हवाला देकर आवासों की स्वीकृति न होने की बात कहना पूरी तरह अनुचित है. उन्होंने कहा कि उस दौर में भी देश के अन्य राज्यों में लगातार आवास स्वीकृत हो रहे थे. मंत्री शर्मा ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय गरीबों के मकानों को लेकर भारी लापरवाही बरती गई, जिसके कारण कांग्रेस सरकार को गरीबों की आह लगी थी.

पोर्टल बंद होने पर तीखा घमासान

पूर्व मुख्यमंत्री के बयानों का खंडन करते हुए मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पोर्टल बंद किए जाने की बात पूरी तरह गलत है. उन्होंने कहा कि जनता के बीच इस तरह का भ्रम नहीं फैलाया जाना चाहिए क्योंकि पोर्टल चालू स्थिति में था. उन्होंने बताया कि कांग्रेस कार्यकाल के दौरान मुख्यमंत्री न्याय आवास योजना के पोर्टल पर धन आवंटित किया जा रहा था, जबकि प्रधानमंत्री आवास योजना का तंत्र इससे बिल्कुल भिन्न था. मंत्री शर्मा ने आंकड़ों की व्याख्या पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री को स्वीकृति, स्वीकार्यता तथा निर्माण के मध्य का अंतर भली-भांति ज्ञात है. इन भिन्न प्रक्रियाओं को आपस में मिलाकर आंकड़े प्रस्तुत करना उचित नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार गरीबों के आवास रोककर अब गलत तथ्य पेश कर रही है.

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